संसद में प्रचंड हंगामा: विपक्ष का सरकार पर तीखा वार, किसान मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर बहस की मांग

संसद में हंगामे के बीच विपक्ष का सरकार पर हमला, किसानों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा की मांग


नई दिल्ली, 10 मार्च। संसद के सत्र में विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा है। विपक्ष के कई सांसदों ने किसानों की समस्याओं, विदेश नीति और संसद की कार्यवाही को लेकर सरकार की आलोचना की।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार विपक्ष पर लगातार झूठे आरोप लगा रही है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद, कन्नौज, मैनपुरी और आसपास के इलाकों में आलू की खेती करने वाले किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। किसानों को अपनी फसल का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनमें भारी निराशा और चिंता का माहौल है।

समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष किसी भी गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने से बच रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार संसद के प्रति जवाबदेह होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा लगता है कि सरकार खुद को संसद से भी ऊपर समझ रही है।

इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आलू किसानों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। उनके अनुसार सरकार ने किसानों के लिए सही बाजार व्यवस्था विकसित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। आलू के दाम इतने गिर चुके हैं कि किसानों के लिए इसकी खेती करना ही महंगा साबित हो रहा है और वे अपनी उपज बेचने में भी असमर्थ हैं।

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय ने कहा कि यह स्थिति सरकार की दूरदर्शिता की कमी का परिणाम है। सरकार कई बार फैसले तो लेती है, लेकिन उनकी स्पष्ट दिशा या दीर्घकालिक योजना दिखाई नहीं देती। उन्होंने इसे विदेश नीति की विफलता से भी जोड़ते हुए कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर देश के भीतर महसूस किया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भी किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि आलू किसानों की हालत इतनी खराब हो गई है कि उन्हें अपनी फसल का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। कई जगहों पर तो फसल बिक ही नहीं पा रही है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि संसद में कृषि मंत्री द्वारा दिए जा रहे आंकड़ों के बीच जमीनी हकीकत सामने लाना विपक्ष की जिम्मेदारी है।

वहीं, कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। जब विपक्ष ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। उनके अनुसार, संसद में पक्षपात स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और विपक्षी सांसदों को जनता की आवाज उठाने से रोका जा रहा है।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका व ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से वैश्विक अस्थिरता बढ़ती है और इसके परिणाम दुनियाभर के देशों को भुगतने पड़ते हैं।
 

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