विजयवाड़ा, 10 मार्च। आंध्र प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सैयद पाशा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने किए पर शर्म आनी चाहिए।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एआई समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें एक या दो नहीं, बल्कि 25 देशों के गणमान्य लोग शामिल हुए थे। लेकिन, अफसोस की बात है कि इन गणमान्य लोगों की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अशोभनीय तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। इससे भी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और दुख की बात यह रही कि राहुल गांधी ने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं के इस कृत्य की आलोचना करने की जगह उनके नाम तारीफों के कसीदे ही पढ़ दिए। यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सैयद पाशा ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के इन कार्यकर्ताओं के कृत्य को लेकर देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए थी, क्योंकि इस कृत्य की वजह से दुनियाभर से आए गणमान्य लोगों के बीच में भारत की गरिमा पर कुठाराघात पहुंचा। हालांकि, अफसोस की बात यह रही कि राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के कृत्य को लेकर बिल्कुल भी माफी मांगना जरूरी नहीं समझा।
उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर आपको हमसे किसी भी मुद्दे को लेकर कोई आपत्ति है, तो आप खुलकर अपनी बात रखिए। हमें आपसे बात करने में किसी भी प्रकार का कोई गुरेज नहीं है। हम तो चाहते हैं कि हमारे और आपके बीच में किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं हो। आपके मन में जो भी गुबार है, उसे बार निकालिए। लेकिन, मेहरबानी करके पूरी दुनियाभर से आए गणमान्य लोगों के बीत में इस तरह की हरकतें मत कराइए।
उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि राहुल गांधी अपनी पार्टी के इन कार्यकर्ताओं के हरकतों को उत्साहित कर रहे हैं। उन्हें तो देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए थी। हालांकि, अफसोस की बात है कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया। राहुल गांधी को कम से कम अपनी पृष्ठभूमि का ख्याल रखना चाहिए। उन्हें इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि वो किस परिवार से आते हैं, उनका बैकग्राउंड कैसा है। आज मेरा राहुल गांधी से यही अनुरोध है कि वो मेहरबानी करके इस तरह की हरकतों को बिल्कुल भी बढ़ावा नहीं दें।
सैयद पाशा ने कहा कि मेरा राहुल गांधी को सुझाव रहेगा कि वो सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें अपने व्यवहार को शोभनीय बनाकर रखना चाहिए। अफसोस की बात है कि वो ऐसा बिल्कुल भी नहीं कर रहे हैं। इसके विपरीत वो अपने पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं के कुकृत्यों को बढ़ावा दे रहे हैं। कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए कोई काम नहीं किया। लेकिन, अगर राहुल गांधी के नकारात्मक कामों की सूची तैयार करें, तो उनका नाम शीर्ष पर आता है। वो इस मामले में पहला रैंक अपने नाम करते हुए नजर आ रहे हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है।
उन्होंने कहा कि हम अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से मांग करते हैं कि राहुल गांधी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के इस कृत्य को लेकर माफी मांगे। इस तरह की हरकतों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।