नई दिल्ली, 12 जनवरी। ईरान में तनावपूर्ण हालात के बीच बीते 15 दिनों से लोग सड़कों पर बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सबके बीच ईरानी राजदूत ने फेक न्यूज फैलाने की आलोचना की है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छह भारतीयों और 10 अफगानिस्तानियों की गिरफ्तारी की खबरों को सिरे से खारिज किया है।
मोहम्मद थहाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खबर को झूठा बताते हुए लिखा, "ईरान के डेवलपमेंट के बारे में कुछ विदेशी एक्स अकाउंट पर जो खबर चल रही है, वह पूरी तरह से झूठी है। मैं सभी दिलचस्पी रखने वाले लोगों से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे अपनी खबरें भरोसेमंद सोर्स से लें।"
ईरानी राजदूत ने जिस एक्स अकाउंट की खबर को टैग कर फेक न्यूज बताया है, वह पाकिस्तान का है। वैसे पाकिस्तान झूठी खबरों का पोषक है ये कहना गलत नहीं होगा। इससे पहले रूस ने भी झूठी खबर फैलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी आलोचना की है।
हाल ही में भारत ने फेक न्यूज फैलाने के लिए पाकिस्तानी आउटलेट एशियावन को ब्लॉक किया है।
ईरान में दो हफ्ते से ज्यादा समय से लोगों का प्रदर्शन जारी है। खामेनेई सरकार के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी हुई है। 84 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ईरान में इंटरनेट सेवा बंद है और लोग फोन पर भी एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
इस बीच अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक 544 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं गिरफ्तार होने वाले लोगों का आंकड़ा 10 हजार के पार जा चुका है।
पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि 15 दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन में करीब 115 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, अब अमेरिकी राइट्स ग्रुप ने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच मरने वालों की संख्या 544 बताई है।
ईरान में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स संगठन की न्यूज सर्विस, ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए), ने बताया कि पिछले 15 दिनों में प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 544 लोग मारे गए हैं। इनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं।
एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद 10,681 से ज्यादा लोगों को जेलों में भी भेजा गया है। बता दें, बीते दिन एक वीडियो सामने आई थी, जिसमें प्रदर्शनकारी बच्चों को टारगेट करते हुए विस्फोटक फेंकते हैं। हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे बच्चे बाल-बाल बच गए।