नई दिल्ली, 9 मार्च। दोहा में फंसे भारतीय नागरिकों को भारत वापस लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच कतर एयरवेज की सोमवार सुबह दोहा-नई दिल्ली की एक उड़ान ने 300 से ज़्यादा यात्रियों को भारत पहुंचाया।
दोहा में भारतीय दूतावास ने बताया कि कतर में फंसे यात्रियों की मदद के लिए अतिरिक्त उड़ानों, हेल्पलाइन और वैकल्पिक यात्रा मार्गों की व्यवस्था की जा रही है।
सहयोग के लिए कतर एयरवेज का धन्यवाद करते हुए भारतीय दूतावास ने बताया कि पिछले तीन दिनों में कतर एयरवेज की उड़ानों से ट्रांजिट या अल्पकालिक यात्रा पर दोहा में फंसे लगभग एक हजार यात्री भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। इसके अलावा, एक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर (प्राकृतिक कारणों से मृत्यु) को भारत भेजने और उनके परिवार की यात्रा की व्यवस्था करने में भी कतर एयरवेज ने मदद की। हम भारतीय समुदाय के स्वयंसेवकों का भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने संबंधित परिवार की सहायता की।
दूतावास ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि कतर एयरवेज दस मार्च को दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए तीन उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। हम फंसे हुए भारतीय यात्रियों से अपील करते हैं कि वे भारत आने के लिए इन उड़ानों का उपयोग करें। वर्तमान परिस्थितियों में उड़ानों का संचालन चुनौतीपूर्ण है और अचानक बदलाव हो सकते हैं, इसलिए यात्री अपनी यात्रा के संबंध में एयरलाइन से संपर्क में बने रहें।
दूतावास ने कहा कि यदि किसी के पास सऊदी वीजा है, तो सलवा बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए सऊदी अरब जाने का विकल्प भी उपलब्ध है। संघर्ष शुरू होने के बाद से कई भारतीय सऊदी अरब जाकर वहां से भारत के लिए उड़ानें ले चुके हैं। दूतावास फंसे हुए यात्रियों के मामलों को उठाकर सऊदी वीजा दिलाने में भी मदद कर रहा है।
दूतावास ने बताया कि हम मेल आईडी पर मिलने वाले संदेशों और ईमेल का जवाब देने की भी पूरी कोशिश कर रहे हैं। साथ ही 24×7 हेल्पलाइन (नंबर: +974-55647502, 55362508 या 55384683) चला रहा है, जिन पर यात्री जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा इंडियन कम्युनिटी ऑर्गनाइजेशन, जैसे आईसीसी और आईसीबीएफ की हेल्पलाइन और हेल्पडेस्क भी इंडियन कम्युनिटी को एक्टिवली सपोर्ट और मदद कर रहे हैं।
दूतावास ने कहा कि भारतीय समुदाय को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए कतर के मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें। सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और मौजूदा स्थिति से जुड़ी तस्वीरें न लें और न ही साझा करें। केवल भरोसेमंद स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें और अफवाहों से बचें।