नासिक में गरीबों के आशियाने पर डाका! डेवलपर ने EWS/LIG कोटा नियमों की धज्जियां उड़ाईं, केस दर्ज

नासिक में बड़ा जमीन घोटाला: डेवलपर पर ईडब्ल्यूएस/एलआईजी कोटा नियम तोड़ने का आरोप, केस दर्ज


नासिक, 9 मार्च। नासिक में जमीन घोटाले का मामला सामने आया है। शहर के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक डेवलपर के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ा केस दर्ज किया गया है। यह मामला 9 मार्च 2026 को दर्ज हुआ।

शिकायतकर्ता बिपिन चंद्रकांत काजले (उम्र 55 वर्ष) हैं, जो सार्थक हाइट्स, फ्लैट नंबर 12, काले नगर, आनंदवली, नासिक के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि डेवलपर ने नासिक महानगरपालिका क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और कम आय वर्ग (एलआईजी) के लिए बनाए गए नियमों का उल्लंघन किया।

नियमों के मुताबिक, 10 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र वाले किसी भी बड़े विकास प्रोजेक्ट में कुल जमीन का 20 प्रतिशत हिस्सा ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवास के लिए आरक्षित रखना जरूरी होता है। इससे गरीब और कम आय वाले लोगों को सस्ते घर मिल सकें।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी डेवलपर ने इस नियम से बचने के लिए जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया। उन्होंने ऑल-इन्क्लूसिव हाउसिंग स्कीम के तहत जरूरी 20 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित नहीं किया। इस वजह से एमएचएडीए, राजस्व विभाग, भूमि अभिलेख विभाग और राज्य सरकार के साथ धोखाधड़ी हुई है। शिकायत में कई गांवों के विभिन्न सर्वे नंबरों वाली जमीन में अनियमितताओं का भी जिक्र किया गया है।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 335, 336(2), 336(3), 337, 338, 318(4), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन के प्रतिनिधि सुरेश एस. अव्हाड को सौंपी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।

यह मामला नासिक में बड़े प्रोजेक्ट्स में ईडब्ल्यूएस/एलआईजी कोटे के नियमों के पालन पर सवाल उठाता है। ऐसे उल्लंघनों से गरीब वर्ग के लोगों को सस्ते घर मिलने की संभावना कम हो जाती है और सरकारी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होता है। पुलिस की जांच से मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होने की उम्मीद है।
 

Forum statistics

Threads
14,748
Messages
14,785
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top