खाड़ी संघर्ष से बढ़ा तेल संकट! जी-7 मंत्री करेंगे आपातकालीन तेल भंडार जारी करने पर अहम चर्चा

बढ़ती कीमतों के बीच आपातकालीन तेल भंडार जारी करने पर चर्चा करेंगे जी-7 देशों के मंत्री


नई दिल्ली, 9 मार्च। जी-7 देशों के वित्त मंत्री सोमवार को एक बैठक में आपातकालीन पेट्रोलियम भंडार की समन्वित रिहाई पर चर्चा करेंगे क्योंकि गल्फ क्षेत्र में संघर्ष के बाद तेल की कीमतों में तेजी आई है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रियों से उम्मीद की जा रही है कि वे सोमवार को आपातकालीन चर्चा करेंगे। इस बैठक में इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल भी शामिल होंगे।

बैठक का मुख्य विषय ईरान से जुड़े युद्ध का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव होगा। अब तक अमेरिका समेत तीन जी-7 देशों ने रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि लगभग 300–400 मिलियन बैरल का समन्वित तेल जारी करना उपयुक्त हो सकता है।

फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक यह मात्रा आईईए सदस्य देशों के पास मौजूदा 1.2 बिलियन बैरल के रणनीतिक भंडार का लगभग 25–30 प्रतिशत होगी।

आपातकालीन पेट्रोलियम भंडार 1974 में आईईए के गठन के बाद स्थापित किए गए थे, जब अरब तेल इंबार्गो के कारण वैश्विक ईंधन की कमी और कीमतों में तेज़ी आई थी।

आईईए के सदस्य देशों को यह रणनीतिक भंडार बनाए रखना अनिवार्य है जिससे तेल आपूर्ति में गंभीर व्यवधान होने पर सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया दी जा सके।

आईईए के गठन के बाद अब तक सदस्य देशों ने पाँच बार समन्वित आपातकालीन तेल भंडार रिलीज़ की है। सबसे हालिया कार्रवाई 2022 में हुई थी, जब रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी आई।

रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार की बैठक से पहले आईईए ने पिछले सप्ताह आपूर्ति संकट से निपटने के लिए आपातकालीन चर्चा भी आयोजित की थी। बैठक के लिए तैयार दस्तावेज़ में कहा गया कि आईईए “तेल बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए कार्रवाई करने के लिए तैयार है।”
 

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