दांतों की सड़न, बदबू और खून रिसते मसूड़ों का अब होगा अंत! घर पर बनाएं आयुर्वेदिक जामुन टूथपेस्ट; जानें आसान विधि

सड़न, बदबू और मसूड़ों से खून आने की परेशानी को दूर करेगा प्राकृतिक टूथपेस्ट; जानें बनाने की आसान विधि


नई दिल्ली, 9 मार्च। मुंह की स्वच्छता हमारी दिनचर्या का सबसे जरूरी हिस्सा है, लेकिन इसके बारे में बात करने से लोग बचते हैं।

आमतौर पर धारणा है कि मुंह की स्वच्छता के लिए सिर्फ दांतों की सफाई आवश्यक है, लेकिन ऐसा नहीं है। इसमें जीभ की सफाई और ऑयल पुलिंग भी जरूरी है। आज के समय में मुंह की स्वच्छता के लिए लोग केमिकल से भरे टूथपेस्ट पर निर्भर हो गए हैं, जिनके प्रचार में लौंग और नमक की विशेषता बताई जाती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले टूथपेस्ट न तो दांतों का पीलापन हटा पाते हैं और न ही पूरी तरह स्वच्छता दे पाते हैं। आज हम आपको प्रकृति से बने टूथपेस्ट के बारे में बताएंगे, जिसे आप आसानी से घर पर ही तैयार कर सकते हैं।

अभी तक जामुन को फल की तरह खाया गया है लेकिन आयुर्वेद में जामुन में कुछ प्राकृतिक चीजों की सहायता से टूथपेस्ट बनाने की विधि बताई गई है, जिससे न सिर्फ दांत साफ होंगे, बल्कि दांतों को गहराई से पोषण भी मिलेगा। इसके लिए जामुन की गुठली और पत्तों को धूप में सुखाकर बारीक पाउडर बना लें। जामुन की गुठली और पत्तों के मिश्रण में लौंग का पाउडर, त्रिफला चूर्ण और सेंधा नमक मिलाए। सभी चीजों को मिलाकर कांच की शीशी में रख लें।

रोजाना सुबह उंगली या ब्रश की सहायता से पाउडर को दांतों और मसूड़ों पर मले। दो मिनट मालिश करने के बाद कुल्ला करके मुंह को अच्छे से साफ करें। कुछ हफ्तों में दांतों पर असर दिखना शुरू हो जाएगा। यह पाउडर न सिर्फ दांतों की खोई चमक वापस लाएगा, बल्कि मसूड़ों में सूजन और खून आने की दिक्कत भी कम होगी।

जामुन की गुठली में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों को कीड़ों और संक्रमण से बचाने में मदद करेंगे, जबकि जामुन की पत्तियों में पीलापन हटाने की शक्ति होती है। अगर दांतों में पायरिया लगा है, तो यह पाउडर कुछ ही समय में असर दिखाना शुरू कर देगा। लौंग दांतों को जड़ों से मजबूती देगी और सेंधा नमक भी संक्रमण को फैलने से रोकता है।
 

Trending Content

Forum statistics

Threads
15,157
Messages
15,194
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top