वाशिंगटन, 9 मार्च। ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष से जुड़े हमलों में घायल होकर एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। इस तरह युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या सात हो गई है। यह जानकारी अमेरिकी सेना ने दी है।
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने बताया कि सऊदी अरब में 1 मार्च को अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले में एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। मृतक के परिजनों को सूचित किए जाने तक सैनिक की पहचान गुप्त रखी गई है। साथ ही यह भी बताया कि प्रमुख सैन्य अभियान जारी हैं।”
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में एक सैन्य अड्डे पर ईरान के हमले के दौरान एक अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई है।
वाशिंगटन पोस्ट ने भी अमेरिकी केंद्रीय कमान का हवाला देते हुए बताया कि सैनिक "1 मार्च को सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले में एक सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया था।"
अमेरिकी युद्ध विभाग ने इसी दौरान कुवैत में तैनात एक नेशनल गार्ड अधिकारी की मृत्यु की घोषणा की है। बताया कि न्यूयॉर्क के क्वींस में कैम्ब्रिया हाइट्स के निवासी 46 वर्षीय मेजर सोरफ्ली डेवियस की 6 मार्च को कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग में एक गैर-लड़ाई संबंधी घटना के दौरान मृत्यु हो गई। हालांकि अधिकारियों ने इस घटना को युद्ध से संबंधित नहीं बताया है।
पेंटागन ने कहा कि डेवियस की मृत्यु 6 मार्च, 2026 को कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग में एक गैर-लड़ाई संबंधी घटना के परिणामस्वरूप हुई। वे न्यूयॉर्क के ट्रॉय स्थित मुख्यालय, मुख्यालय बटालियन, 42वीं इन्फैंट्री डिवीजन में तैनात थे।
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि नेशनल गार्ड का एक सैनिक 6 मार्च को कुवैत में आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी घटना के दौरान शहीद हो गया। मौत के सटीक कारण की जांच की जा रही है।
ये मौतें ऐसे समय में हुई हैं जब ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच पूरे क्षेत्र में शत्रुता तेज हो गई है और सैन्य ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमले और जवाबी हमले किए जा रहे हैं।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में हुए एक हमले में घायल होने के बाद यह नवीनतम मौत हुई है। फरवरी के अंत से संघर्ष तेजी से बढ़ गया है, जब ईरान और इजरायल के बीच हमले और जवाबी हमले शुरू हुए और इस दौरान क्षेत्र भर में तैनात अमेरिकी सेना भी टकराव में शामिल हो गई।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ईरानी जवाबी हमलों में कई देशों में अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। सैन्य नेताओं ने चेतावनी दी है कि अभियान जारी रहने के कारण और अधिक हताहतों का खतरा बना हुआ है।