तेल अवीव, 8 मार्च। आईडीएफ द्वारा हिज्बुल्लाह के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि उनकी तरफ से 600 से अधिक आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया है।
आईडीएफ की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि पिछले एक सप्ताह में 820 हथियारों का उपयोग करके पूरे लेबनान में हवा, समुद्र और जमीन से 600 से अधिक आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। इस दौरान 190 से अधिक आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया, जिनमें लेबनान में पीआईजे के कमांडर अबू हमजा रामी के साथ कई वरिष्ठ कमांडर भी शामिल थे।
आईडीएफ की तरफ से बताया गया कि बेरूत में 27 बार हमले किए गए, जिनमें दहिह क्षेत्र में पांच हमले शामिल थे।
इससे पहले, इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने लिटानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों के लिए ताजा चेतावनी जारी की है। आईडीएफ का कहना है कि हिज्बुल्लाह की गतिविधियों के कारण इलाके में सैन्य कार्रवाई जारी है। सेना ने साफ कहा है कि हिज्बुल्लाह के ठिकानों या हथियारों के पास रहना लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है।
इजरायल डिफेंस फोर्स ने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''हिजबुल्लाह की आतंकवादी गतिविधि की वजह से इजरायल रक्षा बल को इलाके में संगठन के खिलाफ काम करना पड़ रहा है। आईडीएफ का इरादा आपको नुकसान पहुंचाना नहीं है। इजरायल रक्षा बल की ओर से दक्षिण की ओर किसी भी मूवमेंट से आपकी जान को खतरा पहुंचा सकता है।''
ईरान के साथ चल रही लड़ाई के बीच शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उनके सैनिक शुक्रवार की रात को एक विशेष अभियान पर रवाना हुए। यह अभियान 40 साल पहले लापता हुए एक सैनिक की खोज से जुड़ा हुआ है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हमारे वीर योद्धा कल रात एक विशेष अभियान पर रवाना हुए, जिसका उद्देश्य लगभग 40 वर्ष पूर्व लेबनान में बंदी बनाए गए जवान रॉन अराद को ढूंढना और उन्हें घर वापस लाना है।
उन्होंने कहा कि कई वर्षों से हम इस लक्ष्य को अथक रूप से प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।