राष्ट्रपति के बंगाल दौरे से गरमाई सियासत, हन्नान मोल्लाह बोले- केंद्र चुनावी फायदा लेने की कर रहा कोशिश

राष्ट्रपति के बंगाल दौरे पर सियासत तेज, हन्नान मोल्लाह ने केंद्र सरकार पर लगाया चुनावी फायदा लेने का आरोप


कोलकाता, 8 मार्च। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया दौरे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल में बदलाव और प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर उठे विवाद पर सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता हन्नान मोल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है।

सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता मोल्लाह ने कहा कि लोगों की धारणा है कि पीएम मोदी और केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में चुनावी फायदा लेने के लिए राष्ट्रपति के दौरे का इस्तेमाल कर रहे हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और उनका सम्मान सभी को करना चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए और इसी वजह से यह सवाल भी उठ रहा है कि उनके स्वागत के दौरान मुख्यमंत्री मौजूद क्यों नहीं थीं।

हालांकि मोल्लाह ने आरोप लगाया कि आम जनता के बीच यह धारणा बन रही है कि चुनाव के समय राष्ट्रपति के दौरे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोग यह सोच रहे हैं कि पीएम मोदी और केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में चुनावी फायदा लेने के लिए राष्ट्रपति के दौरे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।

हन्नान मोल्लाह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री बंगाल में चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वोट खरीदने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। उनके मुताबिक राष्ट्रपति को राज्य में भेजकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है और राष्ट्रपति पद का इस तरह राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल ठीक नहीं है।

फिल्म केरला स्‍टोरी-2 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर भी मोल्लाह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब से यह फिल्म बनी है, तब से केरल सहित देश के कई बुद्धिजीवी इसे एक प्रोपेगेंडा फिल्म बता रहे हैं। उनके अनुसार “कश्मीर फाइल्स, बंगाल फाइल्स और केरल फाइल्स” जैसी फिल्में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन फिल्मों का उद्देश्य एक खास समुदाय को बदनाम करना और हिंदुओं को उसके खिलाफ भड़काना है। मोल्लाह ने कहा कि किसी राज्य विशेष का नाम लेकर उसे बदनाम करना देशहित के खिलाफ है।

इस बीच भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर भी मोल्लाह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में मतदाता सूची को लेकर काफी भ्रम की स्थिति है और एक करोड़ से अधिक लोगों के मताधिकार पर सवाल खड़ा हो गया है।

उनका आरोप है कि मतदाता सूची से नाम काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोटर की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है और वही सरकार बनाता है, लेकिन भाजपा मतदाताओं के साथ गलत व्यवहार कर रही है और चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है। मोल्लाह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ऐसी व्यवस्था बना रहा है, जिसके तहत भाजपा विरोधी मतदाताओं को सूची से हटाया जा रहा है।

घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर भी मोल्लाह ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी है। यदि घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र की है, लेकिन इसकी नाकामी का दोष दूसरों पर डाला जा रहा है।

सीपीआई (एम) के नेता हन्नान मोल्लाह ने सवाल उठाया कि अगर घुसपैठियों को बाहर निकालना है तो उन्हें किसने रोका है? उनके अनुसार गृह मंत्री केवल चुनाव के समय ही इस मुद्दे को उठाते हैं और इससे माहौल बनाने की कोशिश करते हैं।
 

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