नई दिल्ली, 12 जनवरी। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व से जुड़े बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बकवास बहादुर का जो ब्रिगेड है, वह कांग्रेस का बंटाधार करने के लिए सक्षम है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां सनातन की भक्ति और सुशासन की शक्ति ने देश को पंथनिरपेक्षता की शक्तिपीठ बनाया है। यह बात उन लोगों को भी समझनी चाहिए, जो सुबह से शाम तक सनातन की आस्था और संस्कृति को कोसते रहते हैं। दुख की बात है कि कुछ लोग लगातार सनातन को निशाना बनाते हैं। वे दिमागी संक्रमण से ग्रस्त हैं।
मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान के साथ भारत की बातचीत वाले बयान पर नकवी ने कहा कि आपको एक बात समझनी चाहिए। कराची पर जब चोट लगती है तो चीख कांग्रेस की निकलती है। इस बात को समझना चाहिए कि भारत-विरोधी ताकतों से उनका कितना गहरा याराना है। सुरक्षाबलों ने देश की सुरक्षा के लिए जुनून और जज्बे के साथ जल्लादों को जमींदोज किया, लेकिन कांग्रेस बार-बार विलाप करने लगती है।
ओवैसी के हिजाब वाले बयान पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हिजाब वाली हमारी सम्मानित महिलाओं के लिए उनके सबसे बड़े दुश्मन बड़े दाढ़ी वाले लोग ही हैं। अगर हिजाब वाली महिलाओं की इतनी चिंता है, तो पहले अपने तेलंगाना में मुख्यमंत्री बनाकर दिखाइए, फिर पीएम बनाने की बात कीजिए।
नकवी ने सवाल किया कि ओवैसी कब तक धर्म की राजनीति करते रहेंगे? एक बात समझनी चाहिए कि अब इस देश में कोई मुस्लिम लीग नहीं है। इस देश में सांप्रदायिकता और सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है और वे यह बात अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत है, जहां सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी रहती है। ऐसा ज्ञान देने से बेहतर होगा कि कुछ सकारात्मक सोचें।
केरल को देश विरोधी ताकतों से सुरक्षित करना है, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि केरल में कुशासन और भ्रष्टाचार का कुनबा है, जहां अब बैंड-बाजा बजना शुरू हो चुका है। वहां कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे को टक्कर देने में लगी हैं। केरल की जनता दोनों पार्टियों को नकारकर उनका खात्मा कर देगी।
विश्व पुस्तक मेले का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेला में इतिहास, राजनीति, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर विश्वभर के मशहूर लेखकों की पुस्तकों का अवलोकन करने का अवसर प्राप्त हुआ। किताबों के प्रति लोगों, विशेषकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।