तेहरान, 8 मार्च। ईरान की राजधानी का आसमान काले धुएं के गुबार में डूब गया है। हवा जहरीली हो गई है, और यह आम लोगों की जान के लिए आफत का सबब बन सकती है। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने लोगों को जहरीली एसिड रेन से बचने की चेतावनी दी है। दरअसल, तेहरान और उसके आसपास के तेल ठिकानों को निशाने पर ले स्ट्राइक की गई थी। विस्फोट के बाद आग लगी, जिसकी लपटें काफी ऊपर तक जा रही थीं।
तेहरान की आबादी लगभग 10 मिलियन है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ऐसा शायद पहली बार है जब युद्ध में किसी सिविल इंडस्ट्रियल जगह को निशाना बनाया गया है। हालांकि, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, यूएस और इजरायली हमलों से देश भर में लगभग 10,000 सिविलियन स्ट्रक्चर को नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद बारिश जहरीली हो सकती है। ऐसी बारिश से स्किन पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है।
टेलीग्राम पोस्ट में कुछ दिशा निर्देश जारी किए। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, ग्रुप ने लोगों को तेल की जगहों पर लगी आग से होने वाले खतरों के बारे में चेतावनी दी और लोगों से कहा कि वे जहरीले प्रदूषित पदार्थों से बचने के लिए जहां तक हो सके घर के अंदर रहें।
इसमें कहा गया कि जहरीली एसिड रेन की चिंता के कारण स्थानीय लोगों को बारिश के बाद बाहर नहीं जाना चाहिए, और सलाह दी कि अगर किसी ने काले धुएं से निकलने वाले कणों को सांस के जरिए अंदर ले लिया हो, तो उन्हें नमकीन पानी से गरारे करने चाहिए।
एक्स पोस्ट पर कुछ वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की गई हैं, जिनमें आग का भयानक रूप देखने को मिल रहा है। हमलों से तबाह हुए तेल डिपो से तेल का रिसाव तेहरान के कुछ सीवेज सिस्टम में लीक हो गया है, जिससे ईरानी राजधानी की सड़कों के किनारे “आग की नदी” बन गई है।
इससे पहले, ईरानी तेल मंत्रालय ने पुष्टि की कि तेहरान के पश्चिम में अल्बोर्ज प्रांत के करज शहर समेत तीन इलाकों में फ्यूल डिपो पर हमला हुआ था।