हस्तक्षेप खत्म कर भारत-चीन बढ़ें एक-दूसरे की ओर: वांग यी ने बताया मजबूत संबंधों का रास्ता

चीन और भारत को हस्तक्षेप खत्म करके एक-दूसरे की ओर बढ़ना चाहिए: वांग यी


बीजिंग, 8 मार्च। 8 मार्च को, पेइचिंग में चीन की कूटनीति पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने चीन-भारत संबंधों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने नेताओं द्वारा निर्धारित दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, हस्तक्षेप को समाप्त करके एक-दूसरे की ओर बढ़ना आवश्यक है।

वांग यी ने कहा कि पिछले साल अगस्त में राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच थ्येनचिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान सफल मुलाकात हुई थी, यह 2024 में रूस से कज़ान में ब्रिक्स नेताओं की बैठक में दोनों नेताओं के बीच भेंटवार्ता के बाद हुई एक और भेंट है, जिससे चीन-भारत संबंधों में और अधिक मजबूती आई है। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को पूरी ईमानदारी से लागू किया है, सभी स्तरों पर आदान-प्रदान को मजबूत किया है, द्विपक्षीय व्यापार में नई ऊंचाइयों को हासिल किया है और मानविकी आदान-प्रदान में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जिससे दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ प्राप्त हुए हैं।

वांग यी ने बताया कि चीन और भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं, दोनों ही ग्लोबल साउथ के देश हैं, और गहरे सांस्कृतिक संबंध और व्यापक साझा हित रखते हैं। चीन और भारत के बीच आपसी विश्वास और सहयोग साझा विकास के लिए अनुकूल हैं, जबकि विभाजन और टकराव एशिया के पुनरुद्धार के लिए अनुकूल नहीं हैं। दोनों पक्षों को सही रणनीतिक समझ का पालन करते हुए इस स्थिति को लागू करना चाहिए कि दोनों देश प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि भागीदार हैं, और एक दूसरे के लिए खतरे नहीं, बल्कि अवसर हैं।

वांग यी ने यह भी कहा कि चीन और भारत को अच्छे पड़ोसी संबंधों और मित्रता की दिशा का पालन करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की संयुक्त रूप से रक्षा करनी चाहिए, विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यवहारिक सहयोग में अधिक ठोस परिणामों की प्राप्ति को बढ़ावा देना चाहिए, जिम्मेदारी की भावना प्रदर्शित करते हुए इस वर्ष और अगले वर्ष में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने के लिए एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए, ताकि स्वर्णिम ब्रिक्स सहयोग के माध्यम से व्यापक वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए नई उम्मीद लाई जा सके।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
 

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