नीमच, 8 मार्च। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में 52 किलोग्राम से अधिक अफीम बरामद की है। यह कार्रवाई उप नारकोटिक्स आयुक्त (डीएनसी) नीमच के कार्यालय के नेतृत्व में की गई।
सीबीएन की निवारक टीम को लाइसेंस प्राप्त अफीम के अवैध रूप से डायवर्जन किए जाने की विशेष खुफिया सूचना मिली थी। इसी आधार पर चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र के पांडोली स्टेशन के पास स्थित एक आवासीय परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया।
इस दौरान पता चला कि यह परिसर एक व्यक्ति के स्वामित्व में है, जहां तीन लाइसेंस प्राप्त अफीम कृषक किराये के कमरों में रहकर खेती से जुड़े कामकाज कर रहे थे। अधिकारियों ने जब वहां मौजूद अफीम का भौतिक सत्यापन किया तो कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं।
जांच में पाया गया कि किसानों के पास मौजूद अफीम की वास्तविक मात्रा और प्रारंभिक तौल रजिस्टर (पीडब्ल्यूआर) में दर्ज मात्रा के बीच काफी बड़ा अंतर है। अधिकारियों के अनुसार बरामद की गई अफीम और अफीम मिश्रित पानी की कुल मात्रा 52.494 किलोग्राम पाई गई, जो पंजीकृत उत्पादन से कई गुना अधिक है।
इसके चलते मादक द्रव्य एवं मन प्रभावी पदार्थ नियम, 1985 के नियम 13 के तहत अफीम किसानों के लिए यह अनिवार्य है कि वे प्रतिदिन एकत्रित अफीम को दैनिक तौल के लिए प्रस्तुत करें, ताकि उसका विधिवत रिकॉर्ड रखा जा सके, लेकिन जांच के दौरान बरामद मात्रा का मिलान आधिकारिक रिकॉर्ड से नहीं हो सका।
सीबीएन अधिकारियों ने बताया कि बरामद अफीम को मादक द्रव्य एवं मन प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8, 18(बी), 19 और 42 के तहत जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के समय संबंधित तीनों कृषक मौके पर मौजूद नहीं थे और उनसे पूछताछ अभी बाकी है।
सीबीएन ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अतिरिक्त अफीम को कहां और किस उद्देश्य से डायवर्ट किया जा रहा था।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और लाइसेंस प्राप्त अफीम के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई करता रहेगा।