पटना, 7 मार्च। नागालैंड के नव नियुक्त राज्यपाल और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता नन्दकिशोर यादव शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इसके बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा भी मुख्यमंत्री से भेंट की।
इन दोनों मुलाकातों को औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन इन मुलाकातों को आज की राजनीति परिदृश्य में अहम माना जा रहा है। नन्दकिशोर यादव लंबे समय तक बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में कई बार मंत्री भी रह चुके हैं। हाल ही में उन्हें नागालैंड का राज्यपाल मनोनीत किया गया है। इस नए दायित्व को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
बताया गया कि इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में राज्य एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। दोनों ने बिहार की राजनीति और जनसेवा के लंबे अनुभवों एवं स्मृतियों के बीच हुई इस भेंट ने पुराने सहयोग और संबंधों को भी ताजा किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नागालैंड के राज्यपाल के रूप में नए दायित्व के लिए नन्दकिशोर यादव को शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस अवसर पर नन्दकिशोर यादव ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे नागालैंड में संविधान की मर्यादा और जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
इस बीच, एनडीए में शामिल राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस बार के राज्यसभा चुनाव में वे एनडीए के पांचवें प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। उन्होंने अपना नामांकन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही दाखिल किया था।
इस क्रम में उन्होंने निशांत के राजनीति में आने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमने तो पहले ही सुझाव दिया था कि निशांत कुमार को राजनीति में लाना चाहिए। जदयू के लिए यह आवश्यक है और इससे जदयू को फायदा होगा।