सीलिएक बीमारी: ग्लूटेन-फ्री डाइट क्यों है आपकी जीवन रेखा? जानें इसके बिना गंभीर परिणामों से कैसे बचें

सीलिएक बीमारी में क्यों जरूरी है ग्लूटेन-फ्री डाइट? जानिए कारण


नई दिल्ली, 7 मार्च। सीलिएक बीमारी एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से ग्लूटेन नामक प्रोटीन को नुकसान पहुंचाने वाला समझता है। जब सीलिएक मरीज ग्लूटेन खाते हैं, तो उनकी छोटी आंत की परतें खराब हो जाती हैं, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण सही से नहीं हो पाता। इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है और कई बार लंबे समय तक यह समस्या बनी रहती है।

सीलिएक बीमारी में ग्लूटेन-फ्री डाइट अपनाना जरूरी है क्योंकि यह शरीर को नुकसान से बचाता है, पोषण की कमी को दूर करता है और जीवन को बेहतर और सक्रिय बनाता है। इससे मरीज लंबे समय तक स्वस्थ और फिट रह सकते हैं।

अगर ग्लूटेन खाते रहें, तो पेट दर्द, डायरिया, कब्ज, थकान, वजन कम होना जैसी समस्याएं होती हैं। लंबे समय तक ग्लूटेन लेने से एनीमिया, हड्डियों की कमजोरी और विटामिन की कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए सीलिएक मरीजों के लिए ग्लूटेन पूरी तरह से बंद करना जरूरी है।

ग्लूटेन-फ्री डाइट में क्या खाना चाहिए, यह समझना भी बहुत जरूरी है। फ्रेश फल, सब्जियां, मिलेट्स, कॉर्न मील, बीन्स और नट्स जैसी चीजें पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनसे शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर मिलता है, जिससे स्वास्थ्य बना रहता है।

वहीं, ब्रेड, पास्ता, केक और पिज़्ज़ा जैसी चीजें जो गेहूं, जौ, राई या ओट्स जैसे अन्य ग्लूटेन वाले अनाज से बनती हैं, उन्हें पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। इनके सेवन से परेशानी बढ़ सकती है।

ग्लूटेन-फ्री डाइट सिर्फ बीमारी को कंट्रोल करने के लिए ही नहीं, बल्कि लंबे समय में हेल्दी लाइफ जीने के लिए भी जरूरी है। इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, पेट और आंत की समस्याएं कम होती हैं और ऊर्जा भी बनी रहती है।

इसके अलावा, सीलिएक मरीजों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अगर वे बाहर खाना खाने भी जाते हैं, तो ग्लूटेन वाले आइटम्स का सेवन करने से बचें। इसकी जगह वे मिलेट्स, कॉर्न मील, बीन्स और नट्स से बनी चीजों का सेवन कर सकते हैं।
 

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