फोनपे का बड़ा धमाका: 4.7 करोड़ व्यवसायों तक पहुंचा मर्चेंट नेटवर्क, IPO से पहले कमाई का खुला राज

फोनपे का मर्चेंट नेटवर्क 47 मिलियन बिजनेस तक पहुंचा, डीआरएचपी में मिली डायवर्सिफाइड मॉनेटाइजेशन की जानकारी


नई दिल्ली, 6 मार्च। फोनपे लिमिटेड अपने प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) की तैयारी कर रही है, उसके अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में मर्चेंट इकोसिस्टम के विशाल पैमाने और मॉनेटाइजेशन के बारे में जानकारी दी गई है।

फोनपे कोई "मुफ्त" सेवा नहीं है, बल्कि इसका मर्चेंट इंफ्रास्ट्रक्चर 47 मिलियन व्यवसायों और लाखों फिजिकल पेमेंट डिवाइसों द्वारा संचालित एक अरबों रुपए के रेवेन्यू इंजन में विकसित हो चुका है।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि फोनपे ने लगभग पूरे भारतीय बाजार में अपनी पहुंच बना ली है।

30 सितंबर, 2025 तक, फोनपे के पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 47.19 मिलियन तक पहुंच गई, जो भारत के सभी पिन कोडों के 98.61 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं। 31 मार्च, 2025 तक, यह आधार भारत की कुल ट्रेड और सर्विसेज मर्चेंट आबादी का 77 प्रतिशत से 80 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है।

मार्च 2025 में मंथली एक्टिव मर्चेंट्स की संख्या 11.31 मिलियन थी, जो देश के सभी एक्टिव यूपीआई मर्चेंट्स का लगभग 54 प्रतिशत हिस्सा था।

मार्च 2023 में डेली एक्टिव मर्चेंट इंगेजमेंट 44.18 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर 2025 तक 60.77 प्रतिशत हो गई।

फोनपे का फिजिकल फुटप्रिंट इसकी सदस्यता से होने वाली आय का एक प्रमुख कारण है। वर्तमान में तैनात 9.19 मिलियन डिवाइस केवल भुगतान उपकरण से कहीं अधिक कार्य करते हैं; स्मार्टस्पीकर एक संचार माध्यम के रूप में काम करता है, जो व्यापारियों को व्यावसायिक अपडेट और अलर्ट प्रदान करता है। इस हार्डवेयर नेटवर्क का रखरखाव 25,657 टीम सदस्यों और 31,000 से अधिक नियुक्त एजेंटों की एक विशाल टीम द्वारा किया जाता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार पर केंद्रित हैं।

डीआरएचपी में सबसे तेजी से विकास करने वाला क्षेत्र शायद मर्चेंट लेंडिंग है। आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, फोनपे अपने 47 मिलियन व्यापारियों के लेनदेन डेटा का लाभ उठाकर साझेदार ऋणदाताओं को बिना किसी गारंटी के ऋण प्रदान करता है।

ऋण वितरण वित्त वर्ष 2023 में 0.11 बिलियन रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 45.07 बिलियन रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में ही ऋण आय 2,880.87 मिलियन रुपए तक पहुंच गई है, जो पिछले पूरे वर्ष की आय का लगभग 88 प्रतिशत है।

अकेले मर्चेंट पेमेंट्स सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2025 में 19,910.36 मिलियन रुपए की आय अर्जित की, जो फोनपे के कुल परिचालन आय का लगभग 28 प्रतिशत है। मर्चेंट टोटल पेमेंट वैल्यू (टीपीवी) सालाना 15 ट्रिलियन रुपए तक पहुंचने के साथ, कंपनी ने अपने विशाल भुगतान नेटवर्क को सफलतापूर्वक एक उच्च-मूल्य वाले वित्तीय सेवा मंच में परिवर्तित कर दिया है।
 
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