हैदराबाद, 5 मार्च। हैदराबाद में गुरुवार को एक निर्माणाधीन इमारत की 5वीं मंजिल से गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई और दो घायल हो गए।
यह घटना टोलीचौकी इलाके की अल-हसनत कॉलोनी में उस वक्त हुई जब मचान गिर गया।
पुलिस ने बताया कि हादसे में दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ईंटों और डंडों पर गिरने से घायल हुए दो मजदूरों को स्थानीय लोग पास के अस्पताल ले गए।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के प्रवासी मजदूर थे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच से यह सामने आया कि कंस्ट्रक्शन के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन न करने की वजह से यह हादसा हुआ।
प्रदेश के श्रम मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने अधिकारियों से फोन पर बात कर उन्हें घायलों को सबसे अच्छा इलाज देने का निर्देश दिया। मंत्री ने घटना की पूरी जानकारी और मजदूरों की सेहत की हालत के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के एमएलसी डॉ. दासोजू श्रवण ने मौके का दौरा किया और इस दुखद घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि घटना के समय सड़क पर ऑटो और कार में सवार लोग भी घायल हुए हैं।
उन्होंने सवाल किया कि 300 स्क्वायर यार्ड से भी कम जमीन पर सात मंजिला इमारत बनाने की इजाजत कैसे दी गई। उन्होंने जीएचएमसी अधिकारियों से यह साफ करने की मांग की कि ऐसे कंस्ट्रक्शन की मंजूरी कैसे दी गई।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (जीएचएमसी) और हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी शहर भर में बड़े पैमाने पर अवैध कंस्ट्रक्शन होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं।
श्रवण ने आरोप लगाया कि रिश्वत लेकर गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन की परमिशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में आग लगने और बिल्डिंग से जुड़े हादसों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सरकार सेफ्टी नॉर्म्स लागू करने में नाकाम रही है।