अगरतला, 5 मार्च। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिना त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय का विकास संभव नहीं है।
गोमती जिले के अथारोभोला में भाजपा द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास को तेज करने के लिए आगामी टीटीएएडीसी चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा, “हम सभी जनजातियों को साथ लेकर एक नया त्रिपुरा बनाना चाहते हैं।”
कार्यक्रम के दौरान 53 परिवारों के 192 मतदाताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, जिनका मुख्यमंत्री ने स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बगमा विधानसभा क्षेत्र का कई बार दौरा किया है और यह राज्य के अन्य कई क्षेत्रों की तुलना में अधिक बार हुआ है। उन्होंने बताया कि दिल्ली से लौटने के बाद वे खुमुलवंग भी गए थे, जहां जनजातीय भाइयों और बहनों की बड़ी रैली हुई।
साहा ने कहा कि जब तक टीटीएएडीसी में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी, तब तक वहां के लोगों का विकास मुश्किल रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल विकास है और पार्टी के कार्यकर्ता सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक जनता के लिए काम करते हैं, जबकि अन्य दल केवल अपने हितों के बारे में सोचते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की नीति है कि राज्य और देश को पार्टी और व्यक्ति से पहले रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” के सिद्धांत पर काम कर रही है।
साहा ने कहा कि राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार के तहत हर पैसे का उपयोग लोगों के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2018 से पहले कई लोगों को लगता था कि त्रिपुरा में वामपंथी सरकार को हटाना संभव नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने 35 साल के शासन को समाप्त कर राज्य में सरकार बनाई।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान जनजातीय लोगों को गुमराह कर उन्हें उग्रवाद की ओर धकेला गया, क्योंकि सत्ता बनाए रखने के लिए आतंक का माहौल बनाया गया था।
इस सभा में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संताना चकमा, भाजपा विधायक रामपदा जमातिया, गोमती जिला भाजपा अध्यक्ष सबिता नाथ, मंडल अध्यक्ष अमर जमातिया सहित अन्य पार्टी नेता भी मौजूद थे।