मुंबई, 5 मार्च। इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल-2 में भारत ने संजू सैमसन की तूफानी पारी के दम पर 7 रन से जीत दर्ज की। इसी के साथ टीम इंडिया ने फाइनल में जगह बना ली है। 89 रन की शानदार पारी के लिए सैमसन को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
इस मुकाबले में सैमसन ने 42 गेंदों में 7 छक्कों और 8 चौकों के साथ 89 रन की पारी खेली। इस बीच ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की।
भारत की जीत के बाद सैमसन ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। सच कहूं तो पिछले मैच से ही मुझे महसूस हो गया था कि मेरी फॉर्म वापस आ रही है, इसलिए मैंने सोचा कि इसे जारी रखना जरूरी है। देश के लिए अहम मुकाबलों में फॉर्म हासिल करना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने सोचा कि बड़े मैच में अपनी बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाना चाहिए। मैंने खुद को थोड़ा अतिरिक्त समय दिया और अपनी पारी को थोड़ा सोच-समझकर आगे बढ़ाया। मैंने अच्छी तैयारी की थी और चीजें मेरे पक्ष में गईं। शुरुआत में थोड़ा भाग्य का साथ भी मिला, लेकिन उसके बाद मैं लय को बनाए रखना चाहता था।"
टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने 7 विकेट खोकर 253 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड ने निर्धारित ओवरों मे 7 विकेट खोकर 246 रन बनाए।
सैमसन ने इस पिच को लेकर कहा, "वानखेड़े स्टेडियम में खेलते हुए हमें पता होता है कि यहां कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता, इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहा था। यहां 250 का स्कोर भी चेज किया जा सकता है और इंग्लैंड ने भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। मुझे लगता है कि उनके खेलने के तरीके को भी पूरा श्रेय जाता है और यह वास्तव में एक शानदार सेमीफाइनल रहा।"
उन्होंने कहा, "हमें परिस्थितियों का सही आकलन करना होता है। हमने वानखेड़े में काफी मैच खेले हैं। आज टीम ने जिस तरह प्रदर्शन किया, उससे मैं बहुत खुश हूं। पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को भी जाता है। वानखेड़े में खेलना एक अविश्वसनीय अनुभव होता है। यहां शतक लगाने के बारे में सोचकर बल्लेबाजी नहीं की जाती, वह तो खेलते-खेलते हो जाता है। आपको बस लगातार आक्रामक खेलना होता है। टीम के लिए योगदान देकर मैं बहुत खुश हूं।"
भारतीय टीम 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के विरुद्ध फाइनल मैच खेलने उतरेगी।