देहरादून, 5 मार्च। उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लोगों के साथ धोखा है।
सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी है कि वे राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
राज्यसभा के लिए सीएम नीतीश कुमार के नामांकन पत्र दाखिल करने पर उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने देहरादून में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार की लीडरशिप पर लड़ा गया था। यह चुनाव सुशासन बाबू के नाम पर लड़ा गया था। बिहार की जनता ने एनडीए पर भरोसा जताया और भारी बहुमत दिया, लेकिन तीन महीने बाद भी भाजपा इसे पचा नहीं पाई। यह तो बिहार की जनता की ओर से एनडीए को जो बहुमत मिला था, उसका अपहरण, चोरी और खुलेआम डकैती है। भाजपा ने तीन महीने में सीएम नीतीश कुमार को इतना बेबस कर दिया कि उन्हें राज्यसभा ले जा रहे हैं। भाजपा ने बिहार को कब्जे में लेने के लिए सीएम नीतीश कुमार को ढाल बनाया।
उन्होंने कहा कि जो कुछ भी बिहार के सीएम और भाजपा ने किया है, मुझे लगता है कि बिहार की जनता इसे समझेगी। भाजपा के साथ सीएम नीतीश कुमार को भी जवाब देना होगा। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक प्रपंच कर रहे हैं। नीतीश कुमार के साथ वे सौदेबाजी कर रहे हैं कि आपके पुत्र को राजनीति में ले आएंगे।
हरीश रावत ने परिवारवाद का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा परिवारवाद की बात करती है, लेकिन जब खुद परिवारवाद करती है, तो सब ठीक हो जाता है। भाजपा का यह डबल स्टैंडर्ड सामने आ रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के साथ धोखा हुआ है। इसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।