नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन से बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा गदगद, बोले- मिलेगा अमूल्य मार्गदर्शन

राज्यसभा में नीतीश कुमार का मार्गदर्शन प्राप्त होगा: दिनेश शर्मा


लखनऊ, 5 मार्च। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया। नीतीश कुमार के नामांकन पत्र दाखिल करने पर यूपी से भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि मैं भी राज्यसभा में हूं और मुझे उनका मार्गदर्शन मिलेगा।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित तमाम मंत्री मौजूद रहे।

नीतीश कुमार ने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले एक्स पोस्ट के माध्यम से राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है और इसी के बल पर हमने बिहार व आप सभी लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं।

नीतीश कुमार के एक्स पोस्ट पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि नीतीश कुमार बहुत ही पुराने और अनुभवी नेता हैं। 20 साल से मुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं और जदयू उनके द्वारा बनाई गई पार्टी है। वे अगर राज्यसभा जाना चाहते हैं तो यह उनका अपना निर्णय है। इस मामले में विपक्ष को चिंतित होने की जरूरत नहीं है और टिप्पणी भी नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह स्वागतयोग्य कदम इसलिए भी है क्योंकि मैं भी राज्यसभा में हूं और उनका मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। नीतीश कुमार ने कहा है कि वे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, लेकिन बिहार को मार्गदर्शन देते रहेंगे। नीतीश कुमार का निर्णय राष्ट्रहित और बिहार हित में है।

राजद नेताओं के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि राजद के लोगों को नीतीश कुमार पर टिप्पणी करने से पहले तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करनी चाहिए। लालू यादव की जगह आप क्यों राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बन गए। आपको कहना चाहिए था कि जब तक लालू यादव रहेंगे, वह ही पार्टी प्रमुख बने रहेंगे। आप खुद को मुख्यमंत्री घोषित करते नजर आए। राजद को पहले अपने आंचल में झांकना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव हारे हुए व्यक्ति हैं और उन्होंने पार्टी से भाई-बहनों को बाहर निकाल दिया। जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों पर पत्थर नहीं मारते हैं। नीतीश कुमार अनुभवी नेता हैं और तेजस्वी यादव को अपनी चिंता करनी चाहिए। राजद दलदल में फंस गया है, बिहार में मिली हार के बाद इस दलदल से निकलना संभव नहीं है।
 

Similar threads

Trending Content

Forum statistics

Threads
13,063
Messages
13,100
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top