पटना, 5 मार्च। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय के बाद प्रदेश की सियासत गर्म है। इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू कर रही है। नीतीश को सत्ता से बाहर कर भाजपा अपने मुख्यमंत्री को सत्ता सौंपने की तैयारी में है।
राजद नेता व पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा ऐसे मुख्यमंत्री का चुनाव करती है जो रबर स्टैम्प हो। हम लोग पहले से ही कहते रहे हैं कि भाजपा नीतीश कुमार को हाईजैक कर चुकी है। आज सब कुछ सबके सामने है। बिहार की जो जनभावना है, वह इस निर्णय के खिलाफ है। सबको पता था कि भाजपा ऐसा करेगी। भाजपा जिस भी सहयोगी के साथ रही है, ऐसा करती रही है। भाजपा आरएसएस की राह पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय चुनाव आयोग को भाजपा का सेल बनाकर लोकतंत्र को खत्म कर रही है। बिहार की जनता सब देख रही है। नीतीश कुमार के साथ जो हो रहा है, उसे लेकर हमारी पूरी सहानुभूति है। सभी लोगों को पता है कि ये कौन लोग हैं और क्या कर रहे हैं। यह जनता के साथ सीधे तौर पर धोखा है। नीतीश कुमार को भाजपा ने इतना टॉर्चर किया कि उन्होंने खुद राज्यसभा जाने का निर्णय ले लिया। भाजपा नहीं चाहती है कि जदयू राजनीतिक पार्टी के तौर पर नहीं रहे।
उधर, राजद के अध्यक्ष लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अपनों" के साथ बार-बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार खुद के गर्त में धकेले जाने और अपनी बदहाली के लिए खुद जिम्मेदार हैं। उनके साथ आज जो हो रहा है, वह उसके ही हकदार हैं।'
उन्होंने लिखा, आज अवसरवादिता के शिखर पुरुष नीतीश कुमार को जैसा निर्णय लेने के लिए भाजपा के द्वारा मजबूर किया गया, ये तो 28 जनवरी 2024 को ही तय हो गया था, जब नीतीश कुमार जी ने गुलाटी मारने की अपने जगजाहिर कौशल की पुनरावृत्ति करते हुए महागठबंधन का साथ छोड़ा था। कुर्सी से चिपके रहने की अपनी स्वभावगत मजबूरी की वजह से ही आज नीतीश कुमार उस भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं, जो अपने सहयोगियों की राजनीतिक कब्र खोदने के लिए जानी जाती है।