अमेरिका ने ईरान की कमर तोड़ी! 2000 ठिकानों पर हमले से मिसाइल व नौसैनिक ताकतें हुईं ध्वस्त

अमेरिका ने 2000 ठिकानों पर हमले कर ईरान की कमर तोड़ी


वाशिंगटन, 5 मार्च। संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा कि ईरान के खिलाफ उसके सैन्य अभियान ने 2000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है और तेहरान की मिसाइल व नौसैनिक क्षमताओं को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है। वहीं, व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू करने के फैसले का बचाव किया है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि पिछले सप्ताह के अंत में शुरू किए गए अभियान का उद्देश्य ईरान के मिसाइल खतरे को समाप्त करना, उसकी नौसैनिक क्षमता को नष्ट करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था।

लीविट ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में, ईरान के आंतकी शासन को पूरी तरह से कुचला जा रहा है। अमेरिका ने 2000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए, जिनमें सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें, लॉन्चर और ड्रोन नष्ट किए गए।

इस अभियान ने क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं और सहयोगियों को धमकी देने की ईरान की क्षमता को पहले ही पंगु बना दिया है। यह कहना सुरक्षित है कि अब तक ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पूरी तरह सफल रही है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के नौसैनिक बेड़े को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। “अमेरिका ने मंगलवार रात टॉरपीडो का इस्तेमाल कर ईरान की सबसे उन्नत पनडुब्बी समेत 20 से अधिक ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया था।

उन्होंने कहा कि प्रमुख क्षेत्रीय जलमार्गों में ईरानी नौसैनिक गतिविधि लगभग पूरी तरह से रुक गई है। अरब सागर के होर्मुज जलडमरूमध्य या ओमान की खाड़ी में एक भी ईरानी जहाज मौजूद नहीं है।

इस सैन्य अभियान के चार मुख्य उद्देश्य हैं, जिसमें ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसकी नौसेना को नुकसान पहुंचाना, क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क को कमजोर करना और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना शामिल है।

लीविट ने कहा कि अभियान शुरू होने के बाद से ईरानी मिसाइल के हमलों में भारी कमी आई है। ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों में पहले दिन के स्तर से 86 प्रतिशत की कमी आई है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि अभियान के दौरान वरिष्ठ ईरानी नेतृत्व को भारी निशाना बनाया गया था। सर्वोच्च नेता खामेनेई समेत ईरान के 49 से अधिक वरिष्ठतम नेताओं को खत्म कर दिया गया है।

उन्होंने ईरानी नेताओं की हत्या को अमेरिका और उसके सहयोगियों की रक्षा के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन क्रूर आतंकियों को मारना अमेरिका के लिए अच्छा है और इससे दुनिया कहीं अधिक सुरक्षित स्थान बन सकी है।”

इस अभियान के दौरान छह अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए। लीविट ने कहा कि सरकार सैनिकों के निधन पर शोक व्यक्त कर रही है और राष्ट्रपति ट्रंप शहीद सैनिकों के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।

लीविट ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के शुरू होने के बाद से अब तक 17500 से अधिक अमेरिकी मध्य पूर्व से सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं।
 
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