पुडुचेरी में नकली दवा रैकेट का भंडाफोड़: जानलेवा 'दवा' बनाने वाले 3 आरोपियों पर CBI का शिकंजा

पुडुचेरी में नकली दवा रैकेट: सीबीआई ने 3 आरोपियों 3 पर केस दर्ज किया


नई दिल्ली, 3 मार्च। सीबीआई ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद पुडुचेरी में कम से कम दो कंपनियों द्वारा गैर-कानूनी दवा बनाने के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू की है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने पुडुचेरी सरकार की सिफारिश पर विवेक वेंकटेशन, राजा और एके राणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

सीबीआई के पुलिस सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार यादव ने क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, दवाओं में मिलावट, धोखाधड़ी, दवाओं का गैर-कानूनी बनाना और बेचना और नकली दवाओं के अपराधों से जुड़े पीनल प्रोविजन के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। पुडुचेरी सरकार के होम डिपार्टमेंट की सिफारिश पर सीबीआई ने यह केस अपने हाथ में लिया।

एफआईआर में कहा गया है, “पुडुचेरी की जांच सीबीआई ने केस आरसी-2182026ए0003 के तौर पर दोबारा रजिस्टर करके अपने हाथ में ले ली है।”

इससे पहले, पुडुचेरी सरकार के अंडर सेक्रेटरी (विजिलेंस) ने 12 दिसंबर 2025 को एक लेटर लिखा था और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर की मंजूरी दी थी। इसमें बताया गया था कि केंद्र शासित प्रदेश के मेट्टुपालयम और सेदारापेट इलाकों में गैर-कानूनी दवा बनाने, स्टोर करने, बांटने और उससे जुड़े अपराधों के संबंध में दर्ज सभी क्रिमिनल केस की जांच, जिसमें संबंधित एफआईआर भी शामिल हैं, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) करेगी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि पुडुचेरी के स्पेशल सेक्रेटरी (होम) ने 31 दिसंबर, 2025 को लिखे एक लेटर में सीबीआई के डायरेक्टर से जांच अपने हाथ में लेने की रिक्वेस्ट की थी। अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के होम अफेयर्स मिनिस्ट्री के अंडर सेक्रेटरी ने 24 फरवरी को एक लेटर में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा जांच अपने हाथ में लेने पर मिनिस्ट्री की 'नो ऑब्जेक्शन' बताई थी।

मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए पुडुचेरी सरकार ने कहा कि पुलिस द्वारा कई गिरफ्तारियों और आपत्तिजनक सामान की जब्ती से संभावित इंटर-स्टेट असर, कॉम्प्लेक्स सप्लाई चेन, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और अलग-अलग राज्यों में काम कर रहे कई लोगों के शामिल होने का पता चलता है, जो गैर-कानूनी ड्रग बनाने और बांटने में लगे ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल नेटवर्क की मौजूदगी का इशारा करता है।

सीबीआई जांच की अपनी सिफारिश को सही ठहराते हुए पुडुचेरी सरकार ने कहा, "जांच से यह भी पता चला है कि गैर-कानूनी फाइनेंशियल फ्लो और ऑर्गनाइज्ड एक्टिविटी का पब्लिक हेल्थ, इकोनॉमिक सिक्योरिटी और नेशनल इंटरेस्ट पर असर पड़ सकता है, और इनके लिंक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के इलाके के अधिकार क्षेत्र से बाहर भी हो सकते हैं।"

सीबीआई डायरेक्टर को लिखे लेटर में कहा गया, "पुडुचेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अब तक बहुत अच्छी और असरदार जांच की है। हालांकि, ऐसा महसूस होता है कि इस मामले में आगे की जांच के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की स्पेशल मल्टी-डिसिप्लिनरी एक्सपर्टीज़, इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन, फाइनेंशियल जांच क्षमता और देश भर में अधिकार क्षेत्र वाली संभावित इंटरनेशनल संपर्क क्षमताओं की ज़रूरत पड़ सकती है।"
 

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