मुंबई, 3 मार्च। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर कहा कि वह वहां के मुखिया थे। उन्हें जिस तरह से मारा गया है, क्या यह अच्छी बात है? इसमें कुछ लोगों को दुख होगा, और वह दुखी होकर अगर प्रदर्शन करते हैं तो मुझे इसमें कुछ गलत नहीं लगता।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत पर सोनिया गांधी द्वारा लिखे गए आर्टिकल पर हुसैन दलवई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल मिलकर यह सब चला रहे हैं। अमेरिका की राजनीति ऐसी है कि हम जो बोलेंगे, वैसे ही दुनिया चलेगी। विश्व कैसे चलेगा, यह अमेरिका तय करेगा। यह बिल्कुल गलत बात है। दूसरे देशों में कौन राज करेगा, कौन नहीं करेगा, यह आप क्यों तय करेंगे? इसका मतलब आप कुछ जानते नहीं, आप कुछ मानते नहीं। हर जगह अपनी राजनीति चलाते हो। हमारे ईरान के साथ संबंध बड़े अच्छे रहे हैं।
वहीं, सोनिया गांधी ने बहुत अच्छा सवाल उठाया है कि इतने दिन हो गए, तीन-चार दिन हो गए, हमारी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया ही नहीं आई। इसमें हमारी सरकार को अगुवाई करनी चाहिए और हमेशा करती रही है। ईरान तो हमारे साथ रहा है। यह युद्ध बढ़ना नहीं चाहिए, बल्कि आपस में टेबल पर आकर चर्चा होनी चाहिए।
राज्यसभा सीट पर एमवीए में दरार के सवाल पर हुसैन दलवई ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि मल्लिकार्जुन खड़गे वहां नेता हैं। वहां की तादाद उतनी रहना जरूरी है, इसलिए यह सीट हमें दीजिए। दो साल बाद किसी और को दे दीजिए। विधान परिषद की सीट पर उद्धव ठाकरे को लड़ना चाहिए। कांग्रेस ने अच्छा फॉर्मूला दिया है। अभी इसका हल निकल जाएगा।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मंत्री नितेश राणे के बयान पर कहा कि मंत्री होकर अच्छा काम करो। कोंकण का विकास करो, वहां की सारी मछलियां मर गई हैं। वहां केमिकल इंडस्ट्री आ गई हैं। एक केमिकल के कारण लोग मर सकते हैं। वहां 132 प्रजाति की मछलियां थीं। वहां जैसी मछली की वैराइटी दुनिया में नहीं थी। उन्हें जो मंत्रालय मिला है, उसका काम करो। वह हिंदू-मुसलमान करते हैं। उन्हें क्या मतलब? वह कौन हैं सीएम है या पीएम हैं? एक छोटे मंत्री हैं अपने मंत्रालय का काम करो।