बारामूला, 3 मार्च। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दुनियाभर में मौजूद उनके प्रशंसकों में गुस्सा है। इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। यहां पर भी जगह-जगह लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद हो रहे प्रदर्शन और जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में अलग-अलग जगहों पर लोगों के इकट्ठा होने की संभावना को देखते हुए एहतियात के तौर पर एनएच-44 पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। नया आदेश आने तक ड्राइविंग और गाड़ियों के रूट कुछ इस तरह से तय किए गए हैं जिससे यातायात को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
अगर आप बारामूला से श्रीनगर जा रहे हैं, तो सीधे एनएच-44 पर जाने के बजाय बारामूला से निकलकर संग्रामा, पुटखाह, चूरा, हाइगम, रेंगी, हमरे, सुम्बल और शालाटेंग होते हुए श्रीनगर तक पहुंचेंगे। यह रास्ता थोड़ा लंबा जरूर है लेकिन भीड़ और ट्रैफिक जाम से बचने में मदद करेगा।
वहीं, श्रीनगर से बारामूला जाने वालों के लिए भी एक अलग मार्ग निर्धारित किया गया है, जिसमें श्रीनगर से शालाटेंग, सुम्बल, हमरे, रेंगी होते हुए बारामूला पहुंचा जा सकता है। इसी तरह श्रीनगर से तुंगमार्ग या गुलमर्ग की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट रखा गया है, जो श्रीनगर से शालाटेंग, नरबल, मागाम, कुनजर, टंगमर्ग और अंत में गुलमर्ग तक जाता है।
इन सभी जगहों पर ट्रैफिक पुलिस और अन्य कर्मचारी तैनात किए गए हैं। खासकर सभी मुख्य चौराहों और रूट डायवर्जन पॉइंट्स पर ताकि गाड़ियों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहे। ट्रैफिक अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे एसडीपीओ पत्तन के साथ मिलकर काम करें ताकि हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान समय पर निकाला जा सके।
अगर किसी को डायवर्जन प्लान या ट्रैफिक से जुड़ी किसी जरूरी सहायता की जरूरत हो तो डायवर्जन प्लान के लिए +91 9596767706 नंबर पर संपर्क कर सकता है। आम लोगों से अपील की जा रही है कि वे दिए गए निर्देशों का पालन करें और पुलिस-प्रशासन के साथ सहयोग करें। बिना किसी कारण भीड़ इकट्ठा होने की कोशिश न करे।