नई दिल्ली, 11 जनवरी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को वाराणसी में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कार्यकर्ता महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के नाम को बदले जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को 'कायरतापूर्ण' बताया और कहा कि केंद्र सरकार उन लोगों के खिलाफ बेरहमी से बल प्रयोग कर रही है जिन्होंने अपनी आवाज उठाने की हिम्मत की।
विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एनएसयूआई के सदस्य वाराणसी में महात्मा गांधी और भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों के पास प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए।
छात्र केंद्र सरकार के 'मनरेगा' को नए 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट' (वीबी-जी-राम-जी) से बदलने के फैसले का विरोध कर रहे थे।
वीडियो फुटेज में पुलिस कर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आगे बढ़ते हुए दिखाया गया और कई एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार लाखों मजदूरों से उनके रोजगार के कानूनी अधिकार को छीन रही है और जो लोग विरोध कर रहे थे, उनके साथ हिंसा की जा रही थी।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता इस नाइंसाफी, ज़ुल्म और दबाव के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। पार्टी पूरे देश में गांव के मजदूरों के हक के लिए लड़ती रहेगी।"
एनएसयूआई का प्रदर्शन कांग्रेस के 'मनरेगा बचाओ संग्राम' बैनर के तहत चलाए जा रहे बड़े कैंपेन का हिस्सा था।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस चीफ अजय राय समेत कांग्रेस नेताओं ने पूरे राज्य में और रैलियां करने का ऐलान किया है, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आने वाले दिनों में लखनऊ में एक बड़ी रैली में शामिल होने की उम्मीद है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर एक वेलफेयर स्कीम को खत्म करने का आरोप लगाया है, जिसने 2005 में शुरू होने के बाद से लाखों गांव के परिवारों को रोजी-रोटी की सुरक्षा दी है।