मुंबई, 11 जनवरी। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत ने कहा कि बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान करने के लिए एक एडवांस टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है, जिससे इनकी आसानी से पहचान की जा सकेगी।
बीएमसी चुनाव में मुंबई में मौजूद बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को लेकर जमकर राजनीति हो रही है। एक तरफ जहां नितेश राणे अल्टीमेटम दे रहे हैं, वहीं मंत्री उदय सामंत ने आईएएनएस से बातचीत में दावा किया है कि एडवांस टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है, जिससे इनकी आसानी से पहचान की जा सकेगी।
मुंबई में उदय सामंत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने रविवार को ‘वचननामा’ पेश किया है, जिसमें कई वचन दिए गए हैं। हमने वचन दिया है कि मुंबई से बाहर किए गए 40 लाख लोगों को वापस मुंबई में लाएंगे और मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाएंगे।
इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि बेस्ट की बसों में महिलाओं के टिकट के दाम में राहत देने की भी बात कही गई है।
रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की मुंबई में मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि हम बीएमसी में आने के बाद इनकी सफाई का काम करेंगे। बीएमसी में आने के 15 दिन बाद रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों को बाहर निकालने पर काम करना शुरू कर देंगे।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक साथ आने पर उदय सामंत ने कहा कि यह उन्हें भी पता है कि इस वक्त माहौल महायुति के पक्ष में है। दोनों ने चुनाव के लिए जुमला दिया है, लेकिन हमने वचननामा दिया है। हम पानी सप्लाई पर काम करेंगे। बस में सफर करने वाली महिलाओं को 50 प्रतिशत की छूट देंगे। मुंबईकरों के लिए हम काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उनका सूपड़ा साफ हो गया है। वे सिर्फ अपने नेताओं को खुश करने के लिए काम कर रहे हैं।