नई दिल्ली, 2 मार्च। बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, धूल-मिट्टी, तेज धूप और असंतुलित खानपान का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। समय से पहले झुर्रियां, रूखापन और बेजानपन आज आम समस्या बन चुकी है। महंगे कॉस्मेटिक उत्पाद भी कई बार त्वचा को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा देते हैं।
महंगे कॉस्मेटिक उत्पाद भी कई बार त्वचा को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा देते हैं। कच्चा दूध सिर्फ पोषण देने वाला पेय नहीं है, बल्कि त्वचा की सफाई, नमी और प्राकृतिक चमक बनाए रखने में भी मददगार होता है। नियमित और सही तरीके से उपयोग करने पर यह त्वचा को मुलायम, ताजगी भरी और जवां बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड और प्रोटीन त्वचा की गंदगी और मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करते हैं। अगर चेहरे पर दिनभर धूल और प्रदूषण जमा हो जाए, तो दूध से हल्की मसाज करने मात्र से यह गंदगी साफ हो जाती है। आयुर्वेद में इसे त्वचा की नमी बनाए रखने वाला माना गया है। रोजाना केवल एक चम्मच दूध को हाथों में लेकर हल्के हाथों से चेहरे पर मसाज करने से त्वचा को अंदर से ताजगी मिलती है।
इसके अलावा, दूध प्राकृतिक मॉइस्चराइजर का काम करता है। बहुत सी महिलाएं रूखी और बेजान त्वचा से परेशान रहती हैं। ऐसे में दूध से हल्की मालिश करने से त्वचा की नमी बनी रहती है और दाग-धब्बे धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। विज्ञान के अनुसार, दूध में मौजूद विटामिन बी और मिनरल्स त्वचा की कोशिकाओं को पोषण देते हैं और उन्हें स्वस्थ बनाए रखते हैं। इससे त्वचा को प्राकृतिक ग्लो मिलता है।
अगर आपके चेहरे पर कील या मुंहासे हैं, तो रोजाना दूध से हल्की मसाज करने से कुछ दिनों में फर्क दिखाई देने लगेगा। आयुर्वेद में इसे शुद्धिकरण और वात-कफ को संतुलित करने वाला उपाय माना गया है, जो त्वचा की समस्या को जड़ से कम करता है। दूध में एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो त्वचा में इन्फेक्शन को रोकने और रोमछिद्रों को साफ रखने में मदद करते हैं।
रूखी त्वचा वाले लोग अगर चेहरे पर 15 मिनट दूध से मसाज करें तो इससे ड्राइनेस खत्म हो जाती है। आयुर्वेद में इसे त्वचा को ठंडक और पोषण देने वाला कहा गया है। इससे त्वचा मुलायम और कोमल बनती है।