नई दिल्ली, 2 मार्च। इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर बिहार से एआईएमआईएम नेता अख्तरुल ईमान ने कहा कि हम गम का इजहार करते हैं। मुल्क को भी गम का इजहार करना चाहिए।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत के दौरान एआईएमआईएम के नेता अख्तरुल ईमान ने कहा कि ईरान ने भारत का बुरे वक्तों में साथ दिया है। जिस वक्त पाकिस्तान भारत के खिलाफ कश्मीर को लेकर माहौल बना रहा था, उस समय ईरान ही था जिसने पाकिस्तान के इरादे को मजबूत नहीं होने दिया। ईरान के साथ जैसा दोस्ती का रिश्ता रहा है, उसे साथ रखना चाहिए।
पीएम मोदी के इजरायल दौरे के बाद ईरान पर किए जा रहे हमले पर अख्तरुल ईमान ने कहा कि दुख की बात यह है कि अभी तक पीएम मोदी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। मैं समझता हूं कि पीएम मोदी को इस पूरे मामले पर बोलना चाहिए। दुनिया को पता चलना चाहिए कि भारत ऐसी स्थिति में ईरान के साथ है या नहीं। नेहरू के जमाने से फिलिस्तीन के साथ हमारी हमदर्दी रही है। अफसोस है कि रिश्ता टूटता हुआ नजर आ रहा है। भारत हमेशा से हिंसा का विरोधी रहा है। मैं समझता हूं कि जो हिंसा फिलिस्तीन में हुई है, इससे ज्यादा खतरनाक कहीं हुई होगी।
उन्होंने कहा कि यह जो हो रहा है, बहुत गलत किया है। दुनिया का सबसे बड़ा फासिस्ट अगर कोई है, दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी अगर कोई है, तो अमेरिका और इजराइल है। पिछले दिनों वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाकर ले गए। दुनिया में संप्रभुता बाकी नहीं रहेगी क्या? लोकतंत्र बाकी नहीं रहेगा क्या? अलग-अलग मुल्क को अपने तौर पर जीने का हक नहीं होगा क्या? यह मानवता के लिए अच्छा संकेत नहीं है। कितने लोग मर रहे हैं। आज कितने तरह की बीमारियां हो रही हैं। प्रदूषण का असर वायुमंडल पर पड़ेगा। अमेरिका दादागिरी कर आतंक को बढ़ा रहा है।
पांच सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव पर अख्तरुल ईमान ने कहा कि मैंने महागठबंधन नेताओं को मैसेज दिया है और हाल ही में विपक्ष के नेता से मिला हूं। मैंने उनसे कहा कि हम सेक्युलरिज्म के लिए लड़ रहे हैं और दलितों, पिछड़े वर्गों और माइनॉरिटी को रिप्रेजेंट कर रहे हैं, जिनका एक बड़ा हिस्सा हमें सपोर्ट करता है। इसलिए हमें अपर हाउस में मौका दिया जाना चाहिए।