रांची, 11 जनवरी। झारखंड आंदोलन के पुरोधा ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की जयंती पर रविवार को रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में 10वीं और 12वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ विशेष संवाद किया। उन्होंने छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों, चुनौतियों और राज्य सरकार की ओर से उनकी मदद के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की।
उन्होंने छात्रों को बताया कि शिबू सोरेन के नाम पर संचालित की जा रही गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उनके उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने की दिशा में उठाया गया एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में रांची जिले से करीब 4000, खूंटी से 500 और रामगढ़ से 500 विद्यार्थी शामिल हुए। आयोजन के दौरान कुछ चयनित विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड प्रदान किए गए।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लाभार्थी छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने कहा कि यह योजना गरीब और आदिवासी बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। विद्यार्थियों के अनुसार, इस योजना के तहत मिलने वाले आर्थिक सहयोग से पढ़ाई का खर्च उठाना आसान हुआ है, परिवार पर बोझ कम पड़ा है, और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।
छात्रों ने बताया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जिससे यह झारखंड के छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत और मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का लाभ ले रहे शोधार्थियों ने कहा कि यह योजना उनके लिए अत्यंत उपयोगी है।
पीएचडी कर रहे छात्रों ने इसे समयानुकूल और प्रभावी योजना बताते हुए कहा कि फेलोशिप मिलने से आर्थिक चिंताएं कम हुई हैं और वे पूरी एकाग्रता के साथ गुणवत्तापूर्ण शोध कर पा रहे हैं। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से कई सवाल भी पूछे, जिनका उन्होंने सहज और सरल भाषा में उत्तर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं की जानकारी स्कूलों और कॉलेजों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित न रह जाए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, संकल्प और सामाजिक न्याय की मिसाल है। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसे साकार करने में युवाओं और विद्यार्थियों की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि एक समय झारखंड को पिछड़ा राज्य कहा जाता था, लेकिन आज यह विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें और राज्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।