हैदराबाद में खामेनेई की 'शहादत' पर उमड़ा शिया समुदाय, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ महिलाओं-बच्चों का हल्ला बोल

खामेनेई की हत्या के बाद हैदराबाद में विरोध-प्रदर्शन, महिलाएं-बच्चे भी हुए शामिल


हैदराबाद, 1 मार्च। हैदराबाद में शिया समुदाय के लोगों ने रविवार को अमेरिका और इजरायल के मिले-जुले हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।

ईरान पर शनिवार को हुए हमले में खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि होने के बाद पुराने शहर के शिया-बहुल इलाकों में उदासी छा गई। पूरी हवेली, नूर खान बाजार, दारुलशिफा और दूसरे इलाकों में काले कपड़े पहने पुरुष और महिलाएं खामेनेई की हत्या की निंदा करने के लिए सड़कों पर उतर आए, जिन्हें दुनिया भर में शिया समुदाय का नेता माना जाता था।

हाथों में खामेनेई की तस्वीरें लिए पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतरे और हत्या की निंदा करते हुए नारे लगाए।

एक शिया नेता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि खामेनेई जुल्म के खिलाफ खड़े होने और जालिमों के आगे सरेंडर करने से इनकार करने के लिए शहीद हुए। उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों में एकता की कमी के कारण यह दुखद घटना हुई।

एक शिया धार्मिक और सामाजिक-राजनीतिक संगठन तंजीम-ए-जाफरी के आह्वान पर खामेनेई की हत्या की निंदा करने के लिए एक रैली निकाली गई। पुरानी हवेली में मजहर-ए-इब्ने-खातून से शुरू हुई रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी मारे गए नेता की तस्वीरें दिखाते हुए रोते हुए देखे गए।

स्थिति को देखते हुए किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस ने एहतियात के तौर पर पुराने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है।

इस बीच, हैदराबाद में ईरान के कॉन्सुलेट में, खामेनेई की मौत पर दुख जताने के लिए ईरान का राष्ट्रीय झंडा आधा झुका दिया गया।

बता दें कि तेहरान पर शनिवार को अमेरिका-इजरायल के जॉइंट हमलों में खामेनेई मारे गए। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि 86 साल के नेता शनिवार सुबह अपने ऑफिस में मारे गए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, खामेनेई की बेटी, पोता, दामाद और बहू भी मारे गए।

हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री आमिर नसीरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर मोहम्मद पाकपुर के भी मारे जाने की खबर है।
 

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