मॉस्को सम्मेलन में भारत और रूस ने मजबूत किए व्यापारिक रिश्ते

मॉस्को सम्मेलन में भारत और रूस ने मजबूत किए व्यापारिक रिश्ते


नई दिल्ली, 11 जनवरी। मॉस्को में आयोजित सोलहवें रूस-भारत व्यापार संवाद सम्मेलन में 1,250 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में कहा गया कि भारत और रूस के बीच सहयोग और संयुक्त व्यापार परियोजनाओं पर काम आगे भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जारी रहेंगे, जिसमें 3 से 6 जून तक होने वाला सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय इकनॉमिक फोरम भी शामिल है।

इस सम्मेलन का आयोजन इंडियन बिजनेस अलायंस, बिजनेस काउंसिल फॉर कोऑपरेशन विद इंडिया, मॉस्को सरकार और रोसकांग्रेस फाउंडेशन ने किया था।

सम्मेलन के मुख्य सत्र में भारत और रूस के बीच सहयोग की प्रमुख दिशाओं पर चर्चा हुई, जिसमें व्यापार से जुड़ी समस्याओं को हल करना और द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित करने के नए अवसर तलाशने पर बात की गई।

इसके अलावा, सामान की ढुलाई और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने, औद्योगिक सहयोग, आयात पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा, तकनीक व नवाचार में साझेदारी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन में उद्योग, ऊर्जा, दवाइयों और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े संयुक्त प्रोजेक्ट्स को लागू करने पर भी विचार किया गया।

मॉस्को सरकार के मंत्री और शहर के बाहरी आर्थिक व अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के प्रमुख सर्गेई चेरेमिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच व्यापारिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और यह सहयोग अब व्यावहारिक रूप ले रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में भारत और रूस के बीच 50 से ज्यादा संयुक्त व्यापार कार्यक्रम हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब ध्यान रूस में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने, उद्योगों में सहयोग, दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रचनात्मक उद्योगों के विकास के साथ-साथ आपसी निवेश और आधुनिक तकनीक वाले उत्पादों की आपूर्ति बढ़ाने पर है।

इंडियन बिजनेस अलायंस (आईबीए) के अध्यक्ष सैमी कोटवानी ने कहा कि भारतीय कंपनियां रूस के साथ सहयोग को लेकर गंभीर और व्यावहारिक सोच रखती हैं।

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के एक नए चरण को दिखाता है, जो वास्तविक काम, क्षेत्रीय जरूरतों और ठोस परियोजनाओं पर आधारित है। 1,250 से ज्यादा प्रतिभागियों की मौजूदगी और रूसी क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी लंबे समय के सहयोग में भरोसे को दर्शाती है।

मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए रोसकांग्रेस फाउंडेशन के उप निदेशक और सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकनॉमिक फोरम के निदेशक अलेक्सी वाल्कोव ने इस प्लेटफॉर्म के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत रोसकांग्रेस फाउंडेशन के कार्यक्रमों में लगातार एक अहम भागीदार रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस और भारत के बीच संवाद केवल रूस में होने वाले कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि फाउंडेशन की अंतरराष्ट्रीय पहलों के जरिए भी इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।
 

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