नई दिल्ली, 28 फरवरी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल-ईरान से तुरंत हमले रोकने की अपील की, तो सऊदी अरब ने खाड़ी देशों पर ईरानी हमलों को लेकर चेतावनी दी।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, "अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता युद्ध दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। हालात बहुत खतरनाक होते जा रहे हैं और इस तनाव को तुरंत रोकना जरूरी है।"
मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस अपने देश, अपने नागरिकों और मध्य पूर्व में अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तैयारी कर रहा है। साथ ही, अगर उनके सहयोगी देश मदद मांगते हैं, तो फ्रांस उन्हें सुरक्षा देने के लिए जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
वहीं ईरान ने एपिक फ्यूरी के तहत खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया है। उसके इस हमले की सऊदी अरब समेत कई देशों ने खुली निंदा की है। सऊदी अरब ने बहरीन, कतर, कुवैत, जॉर्डन और यूएई पर “ईरान के हमले” की निंदा की है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा गया: हुकूमत अपने सभी भाइयों (देश) के साथ खड़ी है और पूर्ण समर्थन का दावा करती है। देश अपनी पूरी ताकत और क्षमता के साथ उनकी मदद करने को तत्पर है। इसके साथ ही हम चेतावनी देते हैं कि विभिन्न देशों की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के लगातार उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस बीच, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने ईरान से आने वाली नई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
वहीं, ईरान पर हुए हमले को रूस ने गैर जिम्मेदाराना बताया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि बातचीत से मसले को हल किया जाना चाहिए। रूस ने ईरान मुद्दे पर तत्काल राजनीतिक-कूटनीतिक समाधान की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर मदद की पेशकश भी की है।