नई दिल्ली, 28 फरवरी। उपराष्ट्रपति और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस दौरान उन्होंने 12 लाख से अधिक स्नातकों को उपाधियां प्रदान कीं। उन्होंने विश्वविद्यालय की 104 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा और शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं निरंतरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने स्नातक छात्रों को बधाई दी। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी पर गर्व व्यक्त किया। बता दें कि स्नातकों में 50 प्रतिशत से अधिक और स्वर्ण पदक विजेताओं में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को भारत में महिला शिक्षा की उल्लेखनीय प्रगति का प्रमाण बताया।
युवाओं से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में सार्थक योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को नवाचार करने, ईमानदारी बनाए रखने, समाज की सेवा करने, नशा न करने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बता दें कि एक दिन पहले 27 फरवरी को भी उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) 57वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि मैंने नई दिल्ली में भारतीय जनसंचार संस्थान के 57वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया और संबोधित किया। साथ ही मैंने भारतीय जनसंचार संस्थान के नए शैक्षणिक भवन और छात्रावास की आधारशिला भी रखी।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा था कि पत्रकारिता और जनसंचार देश के विकसित भारत के सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और मैंने पत्रकारों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आग्रह किया। फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं की बढ़ती चुनौती को लेकर उन्होंने कहा था कि हमने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकारों का यह दायित्व है कि वे सत्य का समर्थन करें और गलत सूचनाओं का मुकाबला करें।