पाक-अफगान विवाद में ट्रंप ने दखल से किया मना, कहा- पाकिस्तान के पास महान नेता, अच्छा काम कर रहा देश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मामले में हस्तक्षेप से किया इनकार


काबुल, 28 फरवरी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी हिंसक तनाव में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तान के चीफ मार्शल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जमकर तारीफ भी की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, "मैं इस मामले में दखल देता, लेकिन आपके पास एक महान प्रधानमंत्री हैं। आपके पास एक महान जनरल हैं। आपके पास एक महान लीडर हैं। मुझे लगता है कि ये दो ऐसे लोग हैं जिनकी मैं सच में बहुत इज्जत करता हूं। मुझे लगता है कि पाकिस्तान बहुत अच्छा कर रहा है।"

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस हफ्ते की शुरुआत में तनाव बढ़ने के बाद अफगानिस्तान के साथ खुली जंग की घोषणा की। वहीं अमेरिका का अफगानिस्तान को लेकर कोई प्रतिक्रिया न देने या समर्थन न करने के पीछे एक ऐतिहासिक कारण को भी समझा जा सकता है।

अमेरिकी राज्य विभाग की एक प्रवक्ता एलिसन एम. हूकर ने कहा कि वॉशिंगटन तालिबान हमलों के खिलाफ पाकिस्तान के खुद का बचाव करने के अधिकार का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, "तालिबान लगातार अपने काउंटरटेररिज्म कमिटमेंट्स को बनाए रखने में विफल रहा है। ऐसे में हिंसा से इलाका अस्थिर हो रहा है, जबकि आतंकवादी समूह अपने खतरनाक हमलों के लिए अफगानिस्तान को लॉन्चिंग पैड के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।"

अफगानिस्तान में लगभग 20 वर्षों से अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति थी, जो 2021 में तब खत्म हुई, जब तालिबान ने देश पर फिर से अपना नियंत्रण हासिल कर लिया।

11 सितंबर 2001 (जिसे 9/11 की तरह भी याद किया जाता है) को अलकायदा के 19 आतंकवादियों ने अमेरिका में 4 यात्री विमानों को हाईजैक किया था और आत्मघाती हमले किए थे। इन हमलों में लगभग तीन हजार लोगों की जान गई थी। इन आतंकवादी हमलों के कुछ हफ्तों के बाद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अफगानिस्तान पर हमले की घोषणा कर दी थी।

इस हमले की साजिश अलकायदा के आतंकियों ने रची थी। चूंकि इस समय अफगानिस्तान में तालिबान का शासन था, ऐसे में पूर्व राष्ट्रपति बुश ने तालिबान शासन से ओसामा बिन लादेन सहित अन्य अल-कायदा आतंकवादियों को सौंपने की मांग की थी। तालिबान ने अमेरिकी सरकार की इस मांग को ठुकरा दिया था। इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति बुश ने अफगानिस्तान पर हमले का ऐलान किया।

अमेरिका ने अफगानिस्तान से तालिबानी शासन की समाप्ति कर दी थी। 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया।
 

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