नई दिल्ली, 28 फरवरी। ऑफिस से काम, घर की जिम्मेदारियां, ट्रैफिक की समस्या और रोजमर्रा की चुनौतियां आम इंसान को थका देती हैं। ऐसे में मोरारजी देसाई हेल्थ इंस्टीट्यूट ने बताया कि प्राचीन भारतीय योग हमें इन सब से राहत देने का आसान और कारगर तरीका है।
योग के नियमित अभ्यास से शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है। इसी कड़ी में प्रभावी आसन है 'मत्यासन'। यह आसन गर्दन, कंधों, छाती और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, मत्स्यासन पेट की मांसपेशियों पर सीधा असर डालता है, जिससे वहां जमा फैट, कब्ज और पाचन तंत्र में सुधार होता है। इसी के साथ ही रीढ़ लचीली होती है और तनाव कम करने में भी मदद मिलती है। इस आसन को सही तरीके से करने पर पेट की नसों और मांसपेशियों में खिंचाव पड़ता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और फैट धीरे-धीरे कम होने लगता है।
इसे करना बेहद आसान है। इसको करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। पैर सीधे रखें और अपने हाथों को कूल्हों के नीचे रखें और हथेलियां नीचे की ओर ले जाएं। कोहनियों से सहारा लेकर सांस भरते हुए छाती और सिर को ऊपर उठाएं। सिर के पिछले हिस्से को जमीन पर टिकाएं, लेकिन वजन कोहनियों पर रखें (गर्दन पर दबाव न डालें)। अपनी क्षमता अनुसार कुछ सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें, गहरी सांस लें। सामान्य स्थिति में लौटें। शुरुआत में 3-5 बार दोहराएं।
आज के तनावपूर्ण दौर में योग को अपनाएं, क्योंकि यह न सिर्फ शरीर को फिट रखता है, बल्कि मन को भी शांत और मजबूत बनाता है।
शुरुआत में इसे करने में दिक्कत हो सकती है, लेकिन जब करने लगेंगे तो आसान हो जाएगा। माइग्रेन या गर्दन/पीठ की गंभीर चोट वाले लोगों को इससे बचना चाहिए या फिर किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।