काबुल, 27 फरवरी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शांति के प्रयास भी लगातार जारी हैं। शुक्रवार को अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तनाव में कई लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें अफगान नागरिक भी शामिल हैं।
पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ शुरू किया है। इस ऑपरेशन में काबुल, पक्तिया और कंधार में कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। दोनों देश लंबे समय से सीमा संघर्ष में उलझे हुए हैं। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
बेनेट ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “मैं एक बार फिर शांति बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार तथा मानवीय कानूनों, विशेषकर नागरिकों की सुरक्षा का सम्मान करने की अपील करता हूं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव दुर्भाग्यवश हिंसा में बदल गया है। तत्काल तनाव कम करना आवश्यक है।”
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी सीमा पर झड़पों और घातक हवाई हमलों के बीच अफगानिस्तान और पाकिस्तान से संवाद की अपील की। उन्होंने गुरुवार को कहा, “यह स्थिति बल प्रयोग बढ़ाने के बजाय तत्काल राजनीतिक संवाद की मांग करती है।”
शुक्रवार को तालिबान के डिप्टी स्पोक्सपर्सन हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया एक्स के जरिए जानकारी दी कि अफगान एयर फोर्स ने इस्लामाबाद, नौशेरा, जमरूद और एबटाबाद में पाकिस्तानी मिलिट्री ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। ये हमले कल रात काबुल, कंधार और पक्तिया में पाकिस्तानी मिलिट्री द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक के जवाब में किए गए थे।
इससे पहले अफगान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की सेनाओं ने पाकिस्तान पर जवाबी हमले किए, जिसमें कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य ठिकानों के साथ 19 चौकियां कब्जे में ले ली गईं।
अफगान मिनिस्ट्री के मुताबिक, ये हमले गुरुवार रात को अफगान इलाके में पाकिस्तान के हमलों के जवाब में हुए, जिसमें औरतें और बच्चे मारे गए थे। अफगान सेना के जवाबी ऑपरेशन में डूरंड लाइन के पार, पूरब और दक्षिण-पूर्व दिशा में पाकिस्तानी मिलिट्री फोर्स की पोस्ट को निशाना बनाया गया।
मिनिस्ट्री ने कहा कि इन ऑपरेशन के दौरान, अफगान फोर्स ने दो पाकिस्तानी मिलिट्री बेस और 19 पोस्ट तबाह कर दिए, जिससे सैनिकों को चार और पोस्ट से भागना पड़ा। उसने आगे कहा कि चार घंटे की लड़ाई के दौरान, 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई दूसरे जिंदा पकड़े गए और कई दूसरे भागने में कामयाब रहे।
अफगान मिनिस्ट्री ने कहा, “इन ऑपरेशन में अफगान फोर्स ने दर्जनों हल्के और भारी हथियार, गोला-बारूद और मिलिट्री सप्लाई जब्त कर लीं। इसके अलावा एक दुश्मन टैंक तबाह कर दिया गया और एक बड़ी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट गाड़ी पर कब्जा कर लिया गया।”
मंत्रालय ने कहा कि इस अभियान के दौरान आठ अफगान सैनिक मारे गए और 11 अन्य घायल हुए।
काबुल ने यह भी बताया कि अफगान प्रांत नंगरहार में एक शरणार्थी शिविर पर पाकिस्तानी बलों द्वारा किए गए मिसाइल हमले में महिलाओं और बच्चों सहित 13 अफगान नागरिक घायल हुए।
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, यह कार्रवाई अफगान बलों की ओर से कई सीमा क्षेत्रों में की गई बिना उकसावे की गोलीबारी के जवाब में की गई। पाकिस्तान वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए।