नई दिल्ली, 27 फरवरी। भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 7.4 प्रतिशत थी। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।
यह पहला मौका है, जब सरकार ने नए आधार वर्ष 2022-23 पर जीडीपी के आंकड़े जारी किए हैं, जो कि पहले 2011-12 था।
मंत्रालय ने बताया कि तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रही है।
अक्टूबर-दिसंबर अवधि में रियल ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (जीवीए) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। वहीं, नॉमिनल जीवीए 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।
सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सबसे अधिक 13.3 प्रतिशत की जीवीए वृद्धि दर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाई है। इसके अलावा, ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्यूनिकेशन एवं सर्विसे और ब्रॉडकास्टिंग स्टोरेज श्रेणी की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रही है। वहीं, फाइनेंशियल , रियल एस्टेट, आईटी, प्रोफेशनस सर्विसेज श्रेणी की वृद्धि दर 11.2 प्रतिशत रही है।
तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीवीए में तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 52.9 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 24.8 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 22.3 प्रतिशत रही है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा पूरे वित्त वर्ष 26 के लिए दूसरा अग्रिम अनुमान भी जारी किया है, जिसमें जीडीपी की की विकास दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। वित्त वर्ष 25 में जीडीपी की विकास दर 7.1 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 26 की नॉमिनल जीडीपी की वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रहने के अनुमान है।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 26 में रियल जीवीए की विकास दर 7.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वहीं, वित्त वर्ष 25 में यह 7.3 प्रतिशत था। नॉमिनल जीवीए की विकास दर 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।