नई दिल्ली, 11 जनवरी। आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का एक नया ऑडियो वायरल हुआ है। इस क्लिप में वो 'शहादत' की बात तो कर रहा है लेकिन इसके साथ ही जो कह रहा है उसमें उसकी निराशा साफ झलक रही है। वो दावा कर रहा है कि उसके पास फिदायिनों की अच्छी खासी तादाद भी है।
मसूद अजहर ने इस ऑडियो में “शहादत” का जिक्र करते हुए कहा है कि उसके आतंकी न किसी सांसारिक सुविधा की मांग करते हैं और न ही किसी निजी फायदे की। उसने यह भी कहा कि अगर वे संगठन में मौजूद आतंकियों की पूरी संख्या सार्वजनिक कर दें तो दुनिया भर के मीडिया में हलचल मच जाएगी, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि वह आतंकियों के गिरते मनोबल को उठाने की कोशिश कर रहा है और जता रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद के पास बड़ी संख्या में प्रशिक्षित आतंकी मौजूद हैं।
ऑडियो संदेश में आतंकी की बौखलाहट साफ दिख रही है। इसमें बीवी, आईफोन, कर्जे, मोटरसाइकिल जैसी अजब-गजब बातें हैं।
भारत द्वारा मई में जैश के कई ठिकानों पर की गई कार्रवाई और संगठन और परिवार के कई सदस्यों की मौत के महीनों बाद ये संदेश सामने आया है। जैश कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने एक रैली में कहा था कि 7 मई को "जब भारत ने बहावलपुर पर हमला किया था, तो मसूद का परिवार रेजा-रेजा, यानी कि टुकड़ों-टुकड़ों में बंट गया था।"
मसूद अजहर ऑडियो क्लिप में बोल रहा है, "इस मजमे में अल्लाह के वो फिदायीन मौजूद हैं जो रात के तीन बजे उठ के सिर्फ अल्लाह से शहादत मांगते हैं। न ये कहते हैं कि कर्जे उतर जाएं, न ये कहते हैं कि बीवी मिल जाए, न ये कहते हैं कि मकान मिल जाए, न ये कहते हैं कि दुकान मिल जाए, न ये कहते हैं कि बच्चे आज्ञाकारी बन जाएं, न ये कहते हैं कि यूरोप का वीजा मिल जाए, न ये कहते हैं कि अमरीका का वीजा मिल जाए, न ये अल्लाह से गाड़ी मांगते हैं, न नई-नई तर्ज की मोटरसाइकिल मांगते हैं, न अल्लाह ताला से आईफोन मांगते हैं।
वो आगे कहता है, ये अल्लाह से कहते हैं, 'अल्लाह शहादत दे दे। हम अमीर के दिल में डाल दे, मुझे पहले नंबर पर कर दे, मुझे आगे कर दे,' और तरह-तरह की सिफारिशें कराते हैं."
आतंकी ने इसके साथ ही दावा किया है कि उसके पास फिदायिनों की अच्छी खासी तादाद है। वो कहता है "मुझे खत लिख-लिख के धमकियां देते हैं कि हमें जल्दी भेज दो वरना ये हो जाएगा वरना वो हो जाएगा। मुझे अल्लाह का वास्ता देकर कहते हैं, 'हमें जल्दी आगे भेज दो, हमें जल्दी आगे भेज दो।' मुझे रसूल के वास्ते दे के कहते हैं, 'हमें जल्दी आगे भेज दो।' मुझे मदीना शरीफ की दुआएं देकर कहते हैं, 'अल्लाह आपको मदीना दिखाए, मुझे जल्दी आगे भेज दो।' कभी क्या तरीका इख्तियार करते हैं, कभी क्या तरीका इख्तियार करते हैं, रब से मुलाकात का इनको इतना शौक है। इतना शौक है कि ये एक नहीं है, ये दो नहीं है, ये एक सौ नहीं है, ये तीन सौ नहीं है, ये एक हजार नहीं है। बता दूंगा तो कल दुनिया की मीडिया में हंगामा मच जाएगा।"