तेल अवीव, 11 जनवरी। ईरान में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उम्मीद की बात की है। उन्हें विश्वास है कि 'नई सरकार' से इजरायल के रिश्ते मधुर होंगे। उन्होंने ये बात कैबिनेट बैठक में कही।
द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि तेहरान में सरकार गिरने के बाद इजरायल और ईरान फिर से पार्टनर बन जाएंगे। उन्होंने कहा, "हम ईरान के बहादुर और हिम्मती नागरिकों के साथ मजबूती से खड़े हैं और विश्वास दिलाते हैं कि एक बार सरकार गिरने के बाद, हम लोगों के फायदे के लिए मिलकर अच्छे काम करेंगे।"
ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के फैलने और मरने वालों की बढ़ती संख्या के बीच, नेतन्याहू ने कहा, "हम सभी को उम्मीद है कि ईरान जल्द ही ज़ुल्म के बंधन से आजाद हो जाएगा, और जब वह दिन आएगा, तो इजरायल और ईरान एक बार फिर खुशहाली और शांति स्थापित करने के लिए पक्के साझेदार बन जाएंगे।"
इस बीच रविवार को ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालीबाफ की धमकी चर्चा में रही। उन्होंने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का जवाब धमकी से दिया। ट्रंप ने चेताया था कि अगर ईरानी सत्ता आम लोगों के प्रदर्शन को निरंकुशता से रोकेगी तो अमेरिका उन्हें सबक सिखाएगा।
इसी बयान पर कालीबाफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल निशाने पर होंगे। कालीबाफ ने यह धमकी तब दी जब ईरानी संसद में सांसद मंच की ओर दौड़े और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। ईरानी राज्य टेलीविजन ने संसद सत्र को लाइव प्रसारित किया।
कालीबाफ एक कट्टरपंथी नेता हैं और पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने पुलिस और ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड को प्रदर्शनों के दौरान दृढ़ रहने के लिए सराहा।
कालीबाफ ने कहा, "ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनके साथ सबसे कठोर तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार लोगों को सजा देंगे।" उन्होंने इजरायल को कब्जे वाला क्षेत्र कहते हुए सीधे धमकी दी और कहा, "ईरान पर हमले की स्थिति में कब्जे वाला क्षेत्र और क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध निशाने होंगे।"