पी. चिदंबरम पर कसा शिकंजा! INX मीडिया धन शोधन मामले में अभियोजन को ED की हरी झंडी

आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामला: पी. चिदंबरम के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी


नई दिल्ली, 26 फरवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े धन शोधन मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी प्राप्त कर ली है।

एजेंसी को यह मंजूरी सक्षम प्राधिकारी से 10 फरवरी 2026 को मिली, जिसके बाद इसे नई दिल्ली स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम अदालत, राउज एवेन्यू न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। ईडी का कहना है कि इससे मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा 15 मई 2017 को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इस प्राथमिकी में आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, आईएनएक्स न्यूज प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में कार्ति पी. चिदंबरम सहित कई अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी आईएनएक्स मीडिया को उस समय दी गई थी जब पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। आरोप है कि इस मंजूरी और बाद में उसे नियमित करने के बदले अवैध लाभ की मांग की गई और उसे प्राप्त किया गया। ईडी का दावा है कि यह धनराशि कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों और संस्थाओं के माध्यम से प्राप्त की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से प्राप्त धन को कई कंपनियों के जरिए घुमाया गया, ताकि उसके स्रोत को छिपाया जा सके। एजेंसी का कहना है कि इस रकम को परत दर परत लेनदेन के माध्यम से अलग-अलग खातों में भेजा गया और बाद में शेयरों में निवेश तथा संपत्तियों की खरीद के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। ईडी ने अपराध से अर्जित कुल आय लगभग 65.88 करोड़ रुपए आंकी है। इससे पहले 10 अक्टूबर 2018 को 53.93 करोड़ रुपए और 31 मार्च 2023 को 11.04 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की गई थीं, जिन्हें न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने पुष्टि भी कर दी है।

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में पहली अभियोजन शिकायत 1 जून 2020 को विशेष अदालत में दायर की थी, जिस पर 24 मार्च 2021 को अदालत ने संज्ञान लिया। इसके बाद 16 दिसंबर 2024 को एक पूरक शिकायत भी दाखिल की गई। एजेंसी का कहना है कि वह मामले की सुनवाई को तेज करने के लिए प्रयास कर रही है।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने 6 नवंबर 2024 को एक फैसले में कहा था कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 197 के तहत सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है। इसी आदेश का पालन करते हुए ईडी ने संबंधित प्राधिकारी से अनुमति मांगी थी। अब अनुमति मिलने के बाद एजेंसी ने इसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है, ताकि धन शोधन के आरोपों में पी. चिदंबरम के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ सके। मामला फिलहाल विशेष अदालत में विचाराधीन है।
 
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