[IMG size="449x337" alt=""आमरण अनशन बहुतों ने किए, मरे सिर्फ सावरकर," वीर सावरकर की जयंती पर रणदीप हुड्डा ने दी श्रद्धांजलि"]https://d2lnbwhcsmj8tp.cloudfront.net/thumbnails/202602263688188.jpg[/IMG]
मुंबई, 26 फरवरी। साल 2024 में बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने वीर सावरकर की कहानी को पर्दे पर लाने के लिए फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के जरिए दस्तक दी थी।
यह फिल्म इसलिए भी खास थी क्योंकि अभिनेता ने न सिर्फ फिल्म में एक्टिंग की, बल्कि फिल्म के लिए रिसर्च और प्रोडक्शन में भी हाथ बंटाया। फिल्म की आलोचना की गई, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर अपना बजट निकालने में कामयाब रही। अब वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर अभिनेता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
रणदीप हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म से जुड़ी सावरकर की फोटोज शेयर की हैं। उन्होंने पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि सावरकर की मौत अनशन की वजह से हुई।
उन्होंने लिखा, "आमरण अनशन बहुतों ने किए, मरे सिर्फ सावरकर। बहुत कम लोग जानते हैं कि सावरकर जी ने अपनी मृत्यु तक उपवास किया या दूसरे शब्दों में समाधि ले ली और अंततः "26 फरवरी 1966" को इस दुनिया को छोड़ गए। आज उन्हें याद कर रहा हूं।"
सावरकर के लिए रणदीप हुड्डा के मन में बहुत सम्मान है क्योंकि उन्होंने यह फिल्म गुस्से में की थी। अभिनेता का कहना था कि पहले वे फिल्म करने के लिए तैयार नहीं थे क्योंकि दोनों की कठ-काठी और शारीरिक हाव-भाव भी नहीं मिलते थे, लेकिन जब उन्होंने रिसर्च के लिए वीर सावरकर और आजादी पर लिखी किताबें पढ़ीं, तो गुस्से से आग बबूला हो गए।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि आजादी कैसे मिली? 1946 से लेकर 1952 तक कई देशों को आजादी मिली थी, और ये आजादी शांतिपूर्वक तरीकों से नहीं मिली थी।
अभिनेता का कहना है कि हमारे देवी-देवताओं तक के हाथों में शस्त्र है, लेकिन वे हिंसा का प्रतीक नहीं हैं, लेकिन बात अगर धर्म को या अस्तित्व को बचाने की आए तो हथियार उठाकर हिंसा करना गलत नहीं है।
रणदीप हुड्डा के लिए सावरकर का किरदार निभाना भी आसान नहीं था क्योंकि अपने किरदार को रियल बनाने के लिए अभिनेता ने अपना वजन बहुत कम किया था और तकरीबन डेढ़ साल तक अंडरवेट रहे थे। उस दौरान अभिनेता के शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव भी दिखने को मिले थे। अभिनेता का रूप देखकर फैंस भी परेशान हो गए थे।
मुंबई, 26 फरवरी। साल 2024 में बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने वीर सावरकर की कहानी को पर्दे पर लाने के लिए फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के जरिए दस्तक दी थी।
यह फिल्म इसलिए भी खास थी क्योंकि अभिनेता ने न सिर्फ फिल्म में एक्टिंग की, बल्कि फिल्म के लिए रिसर्च और प्रोडक्शन में भी हाथ बंटाया। फिल्म की आलोचना की गई, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर अपना बजट निकालने में कामयाब रही। अब वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर अभिनेता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
रणदीप हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म से जुड़ी सावरकर की फोटोज शेयर की हैं। उन्होंने पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि सावरकर की मौत अनशन की वजह से हुई।
उन्होंने लिखा, "आमरण अनशन बहुतों ने किए, मरे सिर्फ सावरकर। बहुत कम लोग जानते हैं कि सावरकर जी ने अपनी मृत्यु तक उपवास किया या दूसरे शब्दों में समाधि ले ली और अंततः "26 फरवरी 1966" को इस दुनिया को छोड़ गए। आज उन्हें याद कर रहा हूं।"
सावरकर के लिए रणदीप हुड्डा के मन में बहुत सम्मान है क्योंकि उन्होंने यह फिल्म गुस्से में की थी। अभिनेता का कहना था कि पहले वे फिल्म करने के लिए तैयार नहीं थे क्योंकि दोनों की कठ-काठी और शारीरिक हाव-भाव भी नहीं मिलते थे, लेकिन जब उन्होंने रिसर्च के लिए वीर सावरकर और आजादी पर लिखी किताबें पढ़ीं, तो गुस्से से आग बबूला हो गए।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि आजादी कैसे मिली? 1946 से लेकर 1952 तक कई देशों को आजादी मिली थी, और ये आजादी शांतिपूर्वक तरीकों से नहीं मिली थी।
अभिनेता का कहना है कि हमारे देवी-देवताओं तक के हाथों में शस्त्र है, लेकिन वे हिंसा का प्रतीक नहीं हैं, लेकिन बात अगर धर्म को या अस्तित्व को बचाने की आए तो हथियार उठाकर हिंसा करना गलत नहीं है।
रणदीप हुड्डा के लिए सावरकर का किरदार निभाना भी आसान नहीं था क्योंकि अपने किरदार को रियल बनाने के लिए अभिनेता ने अपना वजन बहुत कम किया था और तकरीबन डेढ़ साल तक अंडरवेट रहे थे। उस दौरान अभिनेता के शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव भी दिखने को मिले थे। अभिनेता का रूप देखकर फैंस भी परेशान हो गए थे।