इजरायली संसद में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन: 'हमास पीड़ितों के साथ भारत, आतंकवाद का दर्द समझा'

हमास हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना, गाजा शांति पहल को भारत का समर्थन : इजरायल की संसद में बोले पीएम मोदी


तेल अवीव, 25 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द झेला है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत पूरी मजबूती और विश्वास के साथ इजराइल के साथ खड़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं भारत के लोगों की ओर से 7 अक्टूबर को हमास के बर्बर आतंकी हमले में जान गंवाने वालों और प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना लेकर आया हूं। हम आपका दर्द समझते हैं, आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस कठिन समय में और आगे भी पूरे विश्वास के साथ खड़ा है। इजरायल ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द झेला है।”

उन्होंने यह बात इजरायल की संसद में अपने ऐतिहासिक संबोधन के दौरान कही। किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला संबोधन था। पीएम मोदी के भाषण के दौरान सांसदों ने कई बार तालियां बजाकर सराहना की।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा समर्थित गाजा शांति पहल एक रास्ता दिखाती है। उन्होंने कहा, “उम्मीद को बनाए रखना जरूरी है। गाजा शांति पहल, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने समर्थन दिया है, एक समाधान का रास्ता देती है। भारत ने इस पहल का स्पष्ट समर्थन किया है। हमारा मानना है कि इससे क्षेत्र के सभी लोगों के लिए, फिलिस्तीन मुद्दे सहित, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। हमारे सभी प्रयास बुद्धिमत्ता, साहस और मानवता से प्रेरित होने चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे फिर से इजरायल आकर बेहद खुश हैं और उन्हें इस भूमि से हमेशा विशेष लगाव रहा है।

उन्होंने कहा, “मैं 1.4 अरब भारतीयों की शुभकामनाएं और मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश लेकर आया हूं।” उन्होंने यह भी बताया कि उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था, उसी दिन जब भारत ने औपचारिक रूप से इजरायल को मान्यता दी थी।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने होलोकॉस्ट को मानव इतिहास के सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक बताया।

उन्होंने कहा, “उन कठिन वर्षों में भी मानवता के कुछ उदाहरण सामने आए। गुजरात के नवानगर के महाराजा, जिन्हें जाम साहब के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने पोलैंड के बच्चों को शरण दी, जिनमें यहूदी बच्चे भी शामिल थे। जब उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं थी तो उन्होंने मदद की थी।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत में यहूदी समुदाय बिना किसी उत्पीड़न या भेदभाव के डर के साथ रहता आया है।

उन्होंने कहा, “उन्होंने (यहूदी) अपनी आस्था को सुरक्षित रखा और समाज में पूरी तरह भागीदारी की।”

इससे पहले, इजरायल की संसद में प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। सभी सदस्य खड़े होकर तालियां बजा रहे थे और पूरा सदन “मोदी, मोदी” के नारों से गूंज उठा।

स्पीकर अमीर ओहाना ने हिंदी में कहा, “मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, जेरूसलम में आपका स्वागत है, केसेट में आपका स्वागत है।”
 

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