श्रीकाकुलम में डायरिया का कहर: एक मौत, दर्जनों बीमार! लापरवाही पर नगर आयुक्त निलंबित, आंध्र सरकार का सख्त फैसला

आंध्र प्रदेश: श्रीकाकुलम नगर आयुक्त को डायरिया के प्रकोप के चलते निलंबित किया गया


अमरावती, 25 फरवरी। आंध्र प्रदेश सरकार ने बुधवार को श्रीकाकुलम नगर आयुक्त को शहर में फैले डायरिया के प्रकोप के बाद निलंबित कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि नगर आयुक्त कुर्मा राव को इस प्रकोप के संबंध में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।

नगर प्रशासन के प्रधान सचिव सुरेश कुमार ने नगर आयुक्त को निलंबित करने का आदेश जारी किया।

पिछले कुछ दिनों से श्रीकाकुलम शहर के विभिन्न हिस्सों से डायरिया के मामले सामने आ रहे हैं।

श्रीकाकुलम जिला कलेक्टर स्वप्निल दिनकर पुंडकर के अनुसार, अब तक 76 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है।

इनमें से 54 मरीजों का वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि एक मरीज की मौत हो गई है, जो अन्य बीमारियों से ग्रसित था।

दो मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं, और मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही है।

अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों से पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए श्रीकाकुलम और विशाखापत्तनम की प्रयोगशालाओं में भेजे हैं।

श्रीकाकुलम प्रयोगशाला में किए गए प्रारंभिक परीक्षणों में संदूषण का पता नहीं चला, जबकि विशाखापत्तनम प्रयोगशाला की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं और राज्य सरकार ने घोषणा की है कि वह निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज का खर्च वहन करेगी।

इस बीच, पूर्व मंत्रियों धरमाना कृष्ण दास, धरमाना प्रसाद राव और डॉ. सीडिरी अप्पाला राजू सहित वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेताओं ने इस प्रकोप के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद, उन्होंने परिवारों से बातचीत की और जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि दूषित पेयजल इस बीमारी के फैलने का मुख्य कारण था।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

पूर्व मंत्रियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय मौतों का कारण पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को बताने की कोशिश कर रही है।

धरमाना प्रसाद राव ने कहा कि पिछले 20 महीनों में दस्त के 61 मामले सामने आए हैं, जिनमें सरकारी स्कूलों और छात्रावासों के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता का संकेत बताया।

उन्होंने तत्काल राहत और प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की।

डॉ. सीडिरी अप्पाला राजू ने आरोप लगाया कि स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया और दावा किया कि मौतों की संख्या कम करके दिखाने के प्रयास किए गए।

विपक्षी नेताओं ने उच्च स्तरीय जांच, अधिकारियों की जवाबदेही और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपायों की मांग की।
 

Latest Replies

Forum statistics

Threads
10,587
Messages
10,624
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top