हैदराबाद, 25 फरवरी। तेलंगाना पुलिस ने बुधवार को राज्य भर में साइबर अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' नामक एक विशेष अभियान शुरू किया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने बताया कि तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (टीजीसीएसबी) द्वारा परिकल्पित 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' में अगले कुछ महीनों में कई अभियान शामिल होंगे, जिसमें टीजीसीएसबी, जिलों और आयुक्त कार्यालयों के सहयोग से, राज्य में साइबर अपराध नेटवर्क और साइबर अपराध तंत्र को निशाना बनाएगी ताकि उन्हें नष्ट किया जा सके और राज्य में साइबर अपराध को नियंत्रित किया जा सके।
यह सिलसिलेवार पहला अभियान बुधवार को 16 जिलों/इकाइयों में शुरू किया गया, जिसका मुख्य लक्ष्य अवैध बैंक खातों को निशाना बनाना था।
टीजीसीएसबी द्वारा किए गए आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि 2025 के दौरान राज्य में कुल 4,775 अवैध खाते संचालित किए गए।
डीजीपी के अनुसार, आज के अभियान के तहत, 16 जिलों/इकाइयों में फैली 137 बैंक शाखाओं में खोले गए 1,888 संदिग्ध अवैध खातों की जांच की गई। ये खाते देश भर में 9,431 आपराधिक गतिविधियों से जुड़े पाए गए, जिनमें तेलंगाना के 782 मामले शामिल हैं।
आज के समन्वित अभियान में कुल 137 पुलिस टीमों ने भाग लिया, जिनमें 512 अधिकारी/कर्मी शामिल थे। इन टीमों ने 137 बैंक शाखाओं का दौरा किया और संदिग्ध अवैध खाताधारकों के केवाईसी विवरण एकत्र किए।
जांच और सत्यापन का काम फिलहाल जारी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इनमें से कई शाखाओं में कई अवैध खाते हैं, कुछ मामलों में तो इनकी संख्या सैकड़ों में है। इससे बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत के साथ-साथ संगठित एजेंटों के नेटवर्क की आशंका पैदा होती है।
हैदराबाद के सुल्तान बाजार से संचालित एक खाते का संबंध विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में दर्ज 496 आपराधिक शिकायतों से पाया गया है। वहीं, सूर्यापेट जिले में बैंक की चार शाखाओं में विभिन्न अधिकार क्षेत्रों से जुड़े 298 खाते पाए गए हैं। जहां आवश्यक हो, मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस प्रमुख ने बताया कि यह भी देखा गया है कि कुछ छोटे बैंक, जिनके पास आरटीजीएस संचालित करने की तकनीकी क्षमता नहीं है, धन हस्तांतरण के लिए राष्ट्रीय बैंकों के आरटीजीएस का उपयोग कर रहे हैं। इन बैंकों में खाते खोलने वाले व्यक्तियों का उचित सत्यापन और प्रमाणीकरण नहीं होता है और साइबर अपराधी इसी कमी का फायदा उठा रहे हैं।
'ऑपरेशन क्रैकडाउन' गहन सत्यापन, वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण, खाताधारकों के विवरण की प्रोफाइलिंग और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ जारी रहेगा।