1.86 करोड़ के 'डिजिटल अरेस्ट' महाठगी पर CBI का ताबड़तोड़ एक्शन, छह राज्यों से पकड़े गए तीन शातिर

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड केस: सीबीआई ने छह राज्यों में छापेमारी कर तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार


नई दिल्ली, 25 फरवरी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने साइबर फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क को निशाना बनाते हुए छह राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की और लगभग 1.86 करोड़ रुपए के 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह मामला केरल के कोट्टायम जिले के एक बुजुर्ग व्यक्ति से धोखाधड़ी से जुड़ा है, जहां साइबर ठगों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाया और पैसे ऐंठे।

सीबीआई ने डिजिटल फोरेंसिक जांच और फाइनेंशियल ट्रेल के जरिए पता लगाया कि यह एक जटिल नेटवर्क है, जो कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी हो सकते हैं। आज यानी 25 फरवरी 2026 को एजेंसी ने एक साथ सर्च और अरेस्ट ऑपरेशन चलाया, जिसमें म्यूल बैंक अकाउंट्स (धोखे से इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते) और फर्जी सिम कार्ड्स के नेटवर्क को टारगेट किया गया।

छापेमारी गोवा, बेंगलुरु (कर्नाटक), पलक्कड़ (केरल), नागपुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) और दिल्ली में की गई। इन जगहों पर कई ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहां से डिजिटल डिवाइस, डेबिट कार्ड, बैंक अकाउंट के दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामान जब्त किए गए। इन सबूतों की अभी गहराई से जांच चल रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में गोवा के एक होटल से पकड़ा गया म्यूल अकाउंट ऑपरेटर शामिल है। उस पर शक है कि उसने फ्रॉड के पैसे घुमाने और क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजेक्शन आसान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। उसके पास से कई डिजिटल डिवाइस बरामद हुए। नागपुर में एक शेल कंपनी ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया, जो शेल कंपनी के जरिए म्यूल अकाउंट्स चला रहा था।

वहां से ढेर सारे डेबिट कार्ड और डिवाइस मिले। बेंगलुरु से एक सिम कार्ड फ्रॉड फैसिलिटेटर पकड़ा गया, जो '5जी सिम अपग्रेड' के नाम पर लोगों को ठगता था। उसने फर्जी तरीके से केवाईसी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड एक्टिवेट किए, जिनका बाद में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हुआ। ये फ्रॉड ज्यादातर विदेश से शुरू होते थे।

सीबीआई का कहना है कि जांच जारी है और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय साथियों की पहचान कर बड़े साइबर फ्रॉड इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। यह ऑपरेशन 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम के पीछे के पूरे सिस्टम को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एजेंसी संगठित साइबर अपराधियों का सख्ती से पीछा कर रही है और लोगों का डिजिटल सिस्टम पर भरोसा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
10,584
Messages
10,621
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top