तिरुवनंतपुरम, 25 फरवरी। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को सीपीआई(एम) सरकार पर सबरीमाला में कथित सोना चोरी मामले को लेकर जानबूझकर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
इससे पहले वह यहां एक निजी अस्पताल में मंदिर के तंत्री कंतारारू राजीवारू से मिलने पहुंचे। राजीवारू को इस मामले में 40 दिन जेल में रहने के बाद पिछले सप्ताह जमानत मिली थी। जमानत पर रिहा होने के अगले दिन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चंद्रशेखर ने कहा कि वह तंत्री का हालचाल जानने के लिए अपने कर्तव्य के तहत उनसे मिलने गए थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं सबरीमाला में जो कुछ भी हुआ है, उसे सही नहीं ठहरा रहा हूं, और न ही जांच पर टिप्पणी करना मेरा काम है। लेकिन केवल एक रिमांड नोट के आधार पर, जिसमें उनके खिलाफ ठोस आरोप नहीं थे, उन्हें गिरफ्तार करना चिंताजनक है।”
जमानत देते समय अदालत की टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि तंत्री के खिलाफ जरा भी सबूत नहीं था। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि बिना पुख्ता सबूत के उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री के निर्देश पर काम कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने देवस्वम मंत्री वीएन वासवन और पूर्व मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन से ध्यान हटाने की कोशिश की।
उन्होंने दावा किया कि इन मंत्रियों की कथित भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ब्रोकर और मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को मंदिर में बिना रोक-टोक प्रवेश मिला, जिसके कारण 4.5 किलो सोना चोरी हो गया।
उन्होंने सवाल किया, “केरल के मंदिरों की सुरक्षा के लिए संवैधानिक रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया? वे जेल में क्यों नहीं हैं?” उन्होंने कहा कि तंत्री की गिरफ्तारी ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति है।
चंद्रशेखर ने विधानसभा में तंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाना गलत है जो सदन में मौजूद नहीं है और अपना पक्ष नहीं रख सकता।
उन्होंने कहा कि केरल अपनी परंपराओं, विरासत और आस्था के लिए जाना जाता है। भाजपा और एनडीए भक्तों को डराने या उनकी आस्था का गलत फायदा उठाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और उनकी रक्षा करेंगे।