मुख्यमंत्री पद की मांग पर बोले जी. परमेश्वर, 'हाईकमान ही करेगा अंतिम फैसला, मैं अनुशासित सिपाही'

मुख्यमंत्री पद की मांग पर बोले जी. परमेश्वर, 'हाईकमान ही करेगा अंतिम फैसला, मैं अनुशासित सिपाही'


बेंगलुरु, 25 फरवरी। कांग्रेस पार्टी में चल रहे विवाद पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि उनके समर्थकों द्वारा उनके लिए मुख्यमंत्री पद की मांग करना गलत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी योग्यता को निर्विवाद रूप से साबित कर दिया है।

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा, "मैंने बार-बार कहा कि यह सड़कों पर चर्चा करने का विषय नहीं है। मुख्यमंत्री के चयन या प्रतिस्थापन से संबंधित मामलों पर हाईकमान द्वारा बंद कमरे में बैठकें की जाएंगी। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में राय लेनी होगी।"

उन्होंने आगे कहा, "विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद हाईकमान अंतिम निर्णय लेगा। हमारी पार्टी में यही प्रक्रिया है, और मैंने इस संबंध में कई बार बयान भी दिए हैं। वे मेरा नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, लेकिन केवल मेरा नाम प्रस्तावित करने या किसी के अपनी राय व्यक्त करने से कुछ नहीं बदलेगा। हालांकि, कोई यह नहीं कह सकता कि ऐसी मांग गलत है।"

कर्नाटक के गृह मंत्री ने कहा कि वे पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मैं मीडिया के सामने यह बयान दूं कि मुझे मुख्यमंत्री बनना चाहिए तो क्या ऐसा होगा? इससे केवल सार्वजनिक बहस ही बढ़ेगी। इस मामले का फैसला हाईकमान करेगा।

परमेश्वर ने आगे कहा, "मुझे अपनी क्षमता कितनी बार साबित करनी पड़ेगी? मैंने आठ साल तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के साथ काम किया। क्या मैं क्षमता के बिना काम कर पाता? मैंने पार्टी को दो बार सत्ता में लाने में मदद की। क्या यह क्षमता के बिना संभव होता?"

उन्होंने कहा, "मैं राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य कर चुका हूं। क्या कोई बिना योग्यता के उस पद पर कार्य कर सकता है? मेरी योग्यता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। मैंने निर्विवाद रूप से साबित कर दिया है कि मैं सक्षम हूं, लेकिन निर्णय परिस्थितियों और पार्टी के नेतृत्व पर निर्भर करते हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मुलाकात लोक निर्माण विभाग के मंत्री सतीश जारकीहोली या पूर्व मंत्री केएन राजन्ना से नहीं हुई थी और उन्हें उनकी बातचीत की जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, "दिल्ली मेरे लिए अनजान नहीं है। जरूरत पड़ने पर मैं जाता हूं। दिल्ली जाने के लिए मुझे किसी अनुमति की जरूरत नहीं है। मैं शिक्षण संस्थान चलाता हूं और यूजीसी और अन्य प्राधिकरणों जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुका हूं। अगर पुलिस विभाग से जुड़ा कोई आधिकारिक काम होगा तो मैं आधिकारिक घोषणा करके जाऊंगा।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर मुझे हाईकमान से राजनीतिक मामलों पर चर्चा करने की जरूरत महसूस होती है तो मैं जरूर जाऊंगा। मैंने पार्टी की कार्यकारी समिति में भी काम किया है और वहां के नेताओं को जानता हूं। अगर मुझे राहुल गांधी या सोनिया गांधी से मिलना होगा तो मैं उनकी उपलब्धता के अनुसार दिल्ली जाऊंगा। अगर मुझे एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलना होगा तो मैं उनसे मिलने बेंगलुरु जाऊंगा।”
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top